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भानुप्रतापपुर के बाद अब अंतागढ़ के कानागांव में पादरियों के प्रवेश पर लगा बैन

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12 अक्टू. 2026, 02:19 PM 2 मिनट में पढ़ें 9

सूचना बोर्ड
सूचना बोर्ड

कांकेर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ थाना क्षेत्र स्थित कानागांव में धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध बेहद मुखर हो गया है. हाल ही में संपन्न हुए सेक्टर स्तरीय 'गायता जोहारनी' कार्यक्रम के तुरंत बाद ग्रामीणों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गांव की सीमाओं पर विशेष सूचना बोर्ड लगा दिए हैं. 


इन बोर्डों के माध्यम से पादरियों और बाहरी प्रचारकों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाने का ऐलान किया गया है. स्थानीय निवासियों का तर्क है कि वे अपनी सदियों पुरानी रूढ़िवादी परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने की रक्षा के लिए यह सख्त कदम उठाने को मजबूर हुए हैं.

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गौरतलब है कि जिले में सीमाबंदी और सूचना बोर्ड लगाने का यह सिलसिला सबसे पहले भानुप्रतापपुर के मुंगवाल गांव से शुरू हुआ था. वहां से उठी विरोध की यह चिंगारी अब अंतागढ़ क्षेत्र के गांवों तक पहुंच चुकी है, जिससे पूरे इलाके में धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. 


लगातार बढ़ते इस सामाजिक तनाव और ग्रामीणों के कड़े रुख के बावजूद प्रशासनिक महकमे में फिलहाल खामोशी छाई हुई है. अधिकारियों की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अब हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शांति-व्यवस्था बनाए रखने और इस संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए शासन-प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP