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सूर्य के अंत के बाद भी बचेगी हमारी पृथ्वी?

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10 अग. 2026, 04:15 AM 3 मिनट में पढ़ें 5

सौर मंडल
सौर मंडल

रायपुर । सीजीखबर डेस्क: करीब 500 करोड़ साल बाद जब सूर्य का ईंधन खत्म हो जाएगा, तब यह एक विशाल लाल दानव में बदलकर तबाही मचाएगा. उस वक्त पृथ्वी के महासागर सूख जाएंगे, वायुमंडल नष्ट हो जाएगा और सूर्य हमारी दुनिया को पूरी तरह निगल सकता है. इसके बाद सूर्य एक बेजान सफेद बौने तारे में बदल जाएगा. हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव सभ्यता और जीवन को बचाने के लिए किसी दूसरे ग्रह पर भागने के बजाय खुद पृथ्वी को ही रहने योग्य बनाए रखा जा सकता है.


हाल ही में आर्काइव सर्वर और ‘साइंस एक्स डायलॉग’ में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, वैज्ञानिकों ने सूर्य के विनाशकारी रूप से पृथ्वी को बचाने के लिए कुछ बेहद अद्भुत विचार पेश किए हैं. सबसे पहले, सूर्य की तीव्र गर्मी और किरणों से बचने के लिए पृथ्वी और सूर्य के बीच स्थित 'लैग्रेंज पॉइंट 1' पर एक विशाल सनशेड यानी 'अंतरिक्ष की छतरी' लगाने का सुझाव दिया गया है. 

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करीब साढ़े 3 लाख किलोमीटर त्रिज्या वाली इस विशाल छतरी को बौने ग्रह सेरेस से कार्बन और चंद्रमा से एल्युमीनियम निकालकर बनाया जा सकता है. यह छतरी पृथ्वी के आकाश में 70 डिग्री के क्षेत्र को ढक लेगी और सूर्य के सीधे प्रभाव को रोक देगी.


सूर्य का प्रकाश रुकने के बाद पृथ्वी पर ऊर्जा और रोशनी बनाए रखने के लिए सौर मंडल के विशाल गैसीय ग्रहों का सहारा लिया जा सकता है. उदाहरण के लिए, बृहस्पति के वायुमंडल में 6,500 किलोमीटर की गहराई पर फ्लोटिंग फ्यूजन रिएक्टर्स स्थापित करके हीलियम-4 और हाइड्रोजन की मदद से असीम ऊर्जा पैदा की जा सकती है, जिससे पृथ्वी पर रोशनी की आपूर्ति होती रहेगी.


इसके अलावा, सूर्य द्वारा पृथ्वी को निगले जाने से बचाने के लिए ग्रह की कक्षा को बदलना होगा. इसके लिए किसी क्षुद्रग्रह (एस्टेरॉयड) को पृथ्वी के बहुत करीब से उड़ाकर गुरुत्वाकर्षण के जरिए इसकी कक्षा को खिसकाया जा सकता है. 


यदि भविष्य में पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की गति रुक जाती है, तो धरातल में एक गहरा गड्ढा खोदकर पिघला हुआ लोहा डाला जा सकता है, जो दो सप्ताह में केंद्र तक पहुंचकर इसे फिर से सक्रिय कर देगा.


अंत में, जब हजारों करोड़ साल बाद आकाशगंगाओं के आपस में टकराने का खतरा होगा, तब बृहस्पति के 'लैग्रेंज पॉइंट 1' पर लगे लांचर से सूर्य के ध्रुवों की ओर हाइड्रोजन बीम छोड़ी जा सकती है. इससे उत्पन्न गुरुत्वाकर्षण स्लिंगशॉट प्रभाव पूरे सौर मंडल को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर देगा. 


बेशक, यह सब किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन वैज्ञानिकों को विश्वास है कि इन तरीकों से पृथ्वी का अस्तित्व हमेशा के लिए बचाया जा सकता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP