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क्या डेमोक्रेट अमेरिका-ईरान युद्ध को रोक पाएंगे?

मिडटर्म चुनावों में दोनों सदनों पर कब्जा जमाने के बाद डेमोक्रेट्स के सामने वादों को पूरा करने की बड़ी चुनौती है. क्या वे राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों, ईरान युद्ध और महंगाई पर लगाम लगा पाएंगे?

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05 नव. 2026, 12:57 PM 4 मिनट में पढ़ें 39

डोनाल्ड ट्रंप- राष्ट्रपति अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप- राष्ट्रपति अमेरिका

नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में जोरदार जीत दर्ज करते हुए डेमोक्रेट्स ने संसद के दोनों सदनों पर अपना कब्जा जमा लिया है. इस जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या वे देश में महंगाई कम करने, ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर नकेल कसने के अपने वादों को पूरा कर पाएंगे. हालांकि डेमोक्रेट्स जनवरी में कार्यभार संभालेंगे, लेकिन रिपब्लिकन सहयोग के बिना उनके लिए नीतियां लागू करना आसान नहीं होगा. 

संसद में अधिकांश विधेयकों को पारित कराने के लिए 60 वोटों की आवश्यकता होती है, और यदि विधेयक पारित भी हो जाएं तो राष्ट्रपति ट्रम्प के पास वीटो का अधिकार मौजूद है. इसके बावजूद, संसदीय समितियों और बजट पर नियंत्रण के जरिए डेमोक्रेट्स के पास कई ऐसे रणनीतिक हथियार हैं जिनका उपयोग वे ट्रम्प प्रशासन को घेरने के लिए कर सकते हैं.

ईरान युद्ध समाप्त करने की चुनौतियां और रणनीतिक रास्ते

चुनाव अभियानों के दौरान डेमोक्रेट्स का एक प्रमुख वादा ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को समाप्त करना था. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी संविधान संसद को युद्ध की घोषणा करने का अधिकार देता है और वार पावर्स एक्ट के तहत अनधिकृत संघर्षों को रोकने का प्रावधान है, लेकिन ट्रम्प द्वारा वीटो की धमकी इस राह में रोड़ा बन सकती है. ऐसे में डेमोक्रेट्स के पास सबसे बड़ा हथियार सरकारी खर्च और सैन्य फंडिंग पर रोक लगाना है. 

ट्रम्प प्रशासन पुराने बजटीय आवंटन से युद्ध जारी रख सकता है, लेकिन नए फंड को रोककर उनकी सैन्य गतिविधियों की समय सीमा तय की जा सकती है. इसके अलावा संसदीय जांच के जरिए युद्ध के राजनीतिक नुकसान को बढ़ाकर प्रशासन पर दबाव बनाया जा सकता है, जिससे ट्रम्प को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़े.

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महंगाई दर और आम जनता की जेब पर असर

अमेरिकी मतदाताओं के लिए जीवन-यापन की बढ़ती लागत एक बहुत बड़ा मुद्दा रही है. सेंटर फॉर इकोनॉमिक एंड पॉलिसी रिसर्च के विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका ईरान युद्ध को समाप्त कराना है, क्योंकि इस संघर्ष की वजह से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. 

इसके साथ ही, 2025 में किफायती स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम की सब्सिडी समाप्त होने से बढ़े हुए इंश्योरेंस प्रीमियम को नियंत्रित करने के लिए डेमोक्रेट्स सरकारी खर्च विधेयकों में सब्सिडी बहाल करने और मेडिकेयर कटौती को वापस लेने का प्रयास कर सकते हैं. भले ही कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए दामों पर सीधी रोक लगाना कठिन हो, लेकिन संसदीय समितियों के जरिए बड़ी कंपनियों के सीईओ को समन भेजकर और जांच बिठाकर सार्वजनिक दबाव बनाया जा सकता है.

राष्ट्रपति ट्रम्प पर नकेल और संसदीय जांच

नए कांग्रेस सत्र की शुरुआत के साथ ही डेमोक्रेट्स अपनी जांच शक्तियों का व्यापक इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं. इन संसदीय जांचों के लिए व्हाइट हाउस की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती. ट्रम्प की व्यक्तिगत संपत्ति में आई उछाल, उनके पारिवारिक व्यवसायों के विस्तार और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग के प्रस्तावों जैसे मुद्दों पर आने वाले दिनों में कड़ा रुख देखने को मिल सकता है. 

यद्यपि अंतिम कानूनी कार्रवाई के लिए न्याय विभाग की सहमति और महाभियोग के जरिए हटाने के लिए सीनेट में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, फिर भी ये जांच ट्रम्प प्रशासन की कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं को सार्वजनिक रूप से कटघरे में खड़ा करने के लिए पर्याप्त होंगी.

इमिग्रेशन नीतियों और डिपोर्टेशन पर अंकुश

राष्ट्रपति ट्रम्प के सख्त आव्रजन अभियान और बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन की योजना का भी व्यापक विरोध हो रहा है. डेमोक्रेट्स अपनी नई शक्तियों का उपयोग करके इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की गतिविधियों, डिटेंशन सेंटरों की स्थितियों और करदाताओं के पैसे के इस्तेमाल की विस्तृत जांच शुरू कर सकते हैं. 

पिछले सत्रों में आव्रजन प्रवर्तन के लिए मंजूर किए गए अरबों डॉलर के बजट को वापस लेने का प्रस्ताव लाकर एजेंसी की बेलगाम कार्रवाइयों पर ब्रेक लगाया जा सकता है. भले ही इन विधेयकों को ट्रम्प के वीटो का सामना करना पड़े, लेकिन जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति पर जनता के प्रति जवाबदेह बनने का सीधा दबाव बनाया जा सकता है.

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