PM मोदी के रोड शो से नीतीश कुमार क्यों गायब थे?– खड़गे
पटना । डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुनाव प्रचार कार्यक्रमों से कथित अनुपस्थिति को लेकर घेरने की कोशिश की. पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, खड़गे ने सवाल किया कि जनता दल (यूनाइटेड) के नेता कल राज्य की राजधानी में हुए पीएम मोदी के रोड शो में क्यों मौजूद नहीं थे.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, “कल यहां एक रोड शो था. मैंने बहुत सारी तस्वीरें देखीं, प्रभावशाली तस्वीरों (पीएम मोदी की). मुझे उनके साथ नीतीश नहीं दिखे. यहां तक कि रैली में भी नीतीश कहीं नज़र नहीं आए. उन्होंने उन्हें इस हद तक गायब कर दिया कि वे उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में भी उल्लेख नहीं करेंगे. तो, यही चल रहा है.”
खड़गे ने प्रधानमंत्री पर नीतीश कुमार को प्रचार आयोजनों से दरकिनार करने और चालें चलने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “इस चुनाव के बाद क्या होगा? मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकता, लेकिन पीएम मोदी एक चाल चल रहे हैं. वह नीतीश कुमार को अदृश्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं.”
खड़गे ने नीतीश कुमार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि भले ही उन्होंने नौ बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली हो, लेकिन बिहार के लिए कुछ नहीं किया है.
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि नीतीश और पीएम मोदी दोनों चुनाव वाले राज्य की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.
महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये जमा करने की योजना पर खड़गे ने तंज कसते हुए कहा, “बिहार की जनता समझदार है. 10,000 रुपये तो छोड़िए, अगर आप 10 लाख रुपये भी जमा करेंगे, तो भी वे सोच-समझकर वोट देंगे. 20 साल तक महिलाओं को 10,000 रुपये देना उनके दिमाग में क्यों नहीं आया? और 11 साल तक पीएम मोदी के दिमाग में क्यों नहीं आया? ये सब चुनावी वादे हैं.”
खड़गे ने राज्य की खराब स्थिति के लिए दोनों नेताओं को जिम्मेदार ठहराया, जिसमें स्कूलों की दुर्दशा और शिक्षकों की कमी शामिल है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश भर में 50 लाख नौकरियाँ खाली हैं, जिनमें विश्वविद्यालय, पुलिस, रेलवे और केंद्र सरकार शामिल हैं, लेकिन वे भर्ती नहीं कर रहे हैं, और इसके बावजूद वे एक करोड़ नौकरियों की बात कर रहे हैं.
खड़गे ने कहा, “इस बार, लोग ऐसे झूठों को सबक सिखाएंगे. बिहार एक राजनीतिक रूप से जागरूक राज्य है. यहां गरीबी और बेरोजगारी हो सकती है, लेकिन राजनीतिक रूप से, हर कोई बहुत समझदार है. वे जानते हैं कि कब वोट देना है, कैसे वोट देना है और किसे वोट देना है.”