शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

ब्रिक्स में पाकिस्तान को अब तक क्यों नहीं मिली जगह?

C

CG Khabar

12 सित. 2026, 06:24 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

शहबाज शरीफ
शहबाज शरीफ

नई दिल्ली । डेस्क: नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वैश्विक नेताओं का आगमन शुरू हो गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इसमें शामिल होने पहुंच रहे हैं. इस वैश्विक जमावड़े के बीच पाकिस्तान की ब्रिक्स में सदस्यता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसकी अर्जी पिछले तीन वर्षों से लंबित पड़ी हुई है.


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने नवंबर 2023 में ब्रिक्स समूह में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन किया था. इस्लामाबाद ने ब्रिक्स को विकासशील देशों का एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए दावा किया था कि इसके अधिकांश सदस्य देशों के साथ उसके अच्छे संबंध हैं. हालांकि, चीन और रूस के साथ करीबी रिश्ते होने के बावजूद पाकिस्तान को अब तक इस संगठन में एंट्री नहीं मिल सकी है.


साल 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने मिलकर ब्रिक्स (तब ब्रिक) की स्थापना की थी, जो इसके संस्थापक सदस्य हैं. बाद में 2011 में दक्षिण अफ्रीका और हाल के वर्षों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात तथा इंडोनेशिया जैसे देश भी इसमें शामिल हो चुके हैं.


विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के शामिल न हो पाने के पीछे भारत की आपत्ति एक प्रमुख वजह है. ब्रिक्स के नियमों के अनुसार किसी भी नए देश को सदस्यता तभी मिल सकती है जब सभी संस्थापक सदस्य सर्वसम्मति से इसके लिए सहमत हों. 


यदि चार संस्थापक देशों में से एक भी वीटो करता है, तो सदस्यता आवेदन खारिज या लंबित हो जाता है. यद्यपि भारत ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि नई दिल्ली की असहमति के कारण ही पाकिस्तान की अर्जी अटकी हुई है.


गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान विश्व बैंक पर अपनी निर्भरता कम करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से ब्रिक्स का हिस्सा बनना चाहता है. 


हाल ही में उसने ब्रिक्स समर्थित न्यू डेवलपमेंट बैंक में 58 करोड़ डॉलर की हिस्सेदारी भी खरीदी है. दूसरी ओर, भारत का ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार लगातार मजबूत हुआ है और इसमें लगभग 48.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP