छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में गहराया पानी का संकट
मनेन्द्रगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के सुदूर इलाके नवापारा से पानी की भारी किल्लत की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. लोहारी ग्राम पंचायत के इस लगभग 300 की आबादी वाले गांव में भूजल स्तर गिरने और स्थानीय जल आपूर्ति प्रणालियों के ठप होने से हाहाकार मचा हुआ है.
गांव में पानी का संकट इस कदर गहरा गया है कि ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में गांव के ही महिपाल सिंह नाम के व्यक्ति को एक गहरे और लगभग सूख चुके कुएं की खतरनाक और फिसलन भरी दीवारों के सहारे नीचे उतरते देखा जा सकता है.
महिपाल रोजाना कुएं के तल पर बचे थोड़े से पानी को बाल्टियों और डिब्बों में भरकर ऊपर इंतजार कर रहे ग्रामीणों तक पहुंचाते हैं. खुद महिपाल का कहना है कि पानी गंदा है और चोट लगने का खतरा भी बना रहता है, लेकिन जिंदा रहने के लिए इसके अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है.
गांव की स्थिति इतनी विकट है कि पानी के लिए लोग तड़के सुबह से लेकर देर रात तक कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं. स्थानीय निवासी घुरन सिंह और जगमत बाई ने रोष जताते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत जल स्रोत और टंकियां सिर्फ 'दिखावे' के लिए लगाई गई हैं, जिनमें पानी की एक बूंद भी नहीं है.
कभी-कभार आने वाले एक पानी के टैंकर से पूरे गांव की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है. पानी के दूषित होने के कारण लोगों को बीमारियां फैलने का भी डर सता रहा है.
इस पूरे मामले पर स्थानीय सरपंच मोती सिंह ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से उन्होंने अपने स्तर पर टैंकरों की अस्थाई व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि 'जल जीवन मिशन' के तहत बनाई गई टंकियां लीक हो रही हैं और पाइपलाइनों की स्थिति बेहद खराब है, जिसकी शिकायत उन्होंने अधिकारियों से की है.
सरपंच ने यह भी बताया कि पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां 500 से 600 फीट की गहराई पर ही पानी मिलता है और कई बोरवेल पहले ही फेल हो चुके हैं.
इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए एमसीबी की कलेक्टर संतान देवी जांगड़े ने कहा है कि मामला उनके ध्यान में आया है और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.
उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रभावित इलाके में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. इसके साथ ही कलेक्टर ने जल जीवन मिशन की टंकियों में लीकेज की शिकायतों की जांच कराने और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है.