वेनेजुएला: US तेल टैंकर जब्ती के जवाब में समुद्री डकैती पर सख्त कानून
नई दिल्ली । डेस्क: वेनेजुएला की नेशनल असेंबली ने एक नया सख्त कानून पारित किया है, जिसका उद्देश्य उन लोगों को दंडित करना है जो देश के खिलाफ आर्थिक नाकाबंदी (ब्लॉकेड) और समुद्री डकैती (पायरेसी) की गतिविधियों में सहायता करते हैं. इस नए कानून के तहत अपराधियों को 20 साल तक के कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है.
वेनेजुएला के सत्तारूढ़ दल के नियंत्रण वाली असेंबली में इस विधेयक को पेश करते हुए सांसद ग्यूसेप एलेसेंड्रेलो ने कहा कि यह कानून देश की अर्थव्यवस्था की रक्षा करने और आम जनता के जीवन स्तर को गिरने से बचाने के लिए बेहद जरूरी है.
यह विधायी कदम तब उठाया गया है जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव चरम पर है. हाल ही में अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वेनेजुएला से जुड़े कई तेल टैंकरों को जब्त कर लिया था. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इन कार्रवाइयों को 'समुद्री डकैती' करार दिया है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वेनेजुएला के प्रतिनिधि सैमुअल मोनकाडा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका एक ऐसी शक्ति के रूप में व्यवहार कर रहा है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों से ऊपर है और वेनेजुएला के संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है.
दूसरी तरफ, अमेरिका ने कैरिबियन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान बताया है. अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज का कहना है कि वेनेजुएला का तेल व्यापार मादुरो शासन की मुख्य आर्थिक ताकत है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.
रूस और चीन ने अमेरिका की इस आक्रामकता की आलोचना की है और इसे अन्य लैटिन अमेरिकी देशों के लिए एक खतरनाक उदाहरण बताया है.
हालांकि, अर्जेंटीना और पनामा जैसे कुछ पड़ोसी देशों ने अमेरिकी रुख का समर्थन किया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच, मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि मादुरो सरकार विदेशी दबाव और इस नए कानून का सहारा लेकर देश के भीतर उठने वाली विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश कर सकती है.