संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की पहलगाम हमले की कड़ी निंदा
नई दिल्ली | डेस्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है.
सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि हमें पीड़ितों के साथ पूरी संवेदना है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने घायल लोगों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की.
15 सदस्य देशों वाली सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को जारी अपने एक वक्तव्य में दोहराया है कि आतंकवाद अपने सभी रूपों व अभिव्यक्तियों में, अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिए सबसे गम्भीर ख़तरों में से है.
सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने इस हमले के पीड़ितों के परिजन, भारत सरकार, नेपाल सरकार के साथ गहरी सहानुभूति व संवेदना प्रकट की है. उन्होंने घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
सुरक्षा परिषद ने इस 'निंदनीय आतंकी कृत्य' के दोषियों, इसे अंजाम देने वालों, उनकी वित्तीय मदद करने वालों और प्रायोजकों की जवाबदेही तय करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
सुरक्षा परिषद ने सभी सदस्य देशों से अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों और प्रासंगिक सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के अनुरूप तयशुदा दायित्वों को निभाने का आग्रह किया है. साथ ही, सभी प्रासंगिक प्रशासनिक एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग किए जाने पर बल दिया है.
सुरक्षा परिषद ने ध्यान दिलाया है कि कोई भी आतंकी कृत्य आपराधिक है जिसे न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता, चाहे उसे किसी ने कहीं भी, किसी भी मंतव्य से अंजाम दिया हो.
सुरक्षा परिषद ने ज़ोर देकर कहा है कि आतंकवादी हमलों से अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिए पनपते ख़तरों से सभी देशों को निपटने की आवश्यकता है.
यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों, अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानूनों, अन्तरराष्ट्रीय शरणार्थी क़ानूनों, और मानवतावादी क़ानूनों के अनुरूप की जानी होगी.
इससे पहले, यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने गुरूवार को न्यूयॉर्क मुख्यालय में एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बताया कि महासचिव ने, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की निन्दा की है, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं.
महासचिव गुटेरेश ने ध्यान दिलाया कि आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हमलों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा कि यूएन प्रमुख का सीधे तौर पर दोनों देशों के साथ फ़िलहाल कोई सम्पर्क नहीं हुआ है, मगर वह मौजूदा हालात से चिन्तित हैं और घटनाक्रम पर क़रीबी नज़र रखे हुए हैं.
यूएन प्रमुख के प्रवक्ता ने भारत और पाकिस्तान से अधिकतम संयम बरतने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि हालात और नहीं बिगड़ें.