मध्य प्रदेश में दो बाघों की मौत क्यों हुई?
शहडोल । डेस्क: भारत के 'टाइगर स्टेट' कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में सोमवार को शहडोल जिले के उत्तर शहडोल वन क्षेत्र में एक नर बाघ और एक बाघिन के शव बरामद किए गए हैं. इस घटना ने वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है और उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है.
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों बाघों की मौत के कारण अलग-अलग नजर आ रहे हैं. प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, एक बाघ की मौत संभवतः क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई (टेरिटोरियल फाइट) के दौरान हुई है, जबकि दूसरे बाघ की जान बिजली का करंट लगने से गई है.
हालांकि, अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी.
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में बाघों की बढ़ती मृत्यु दर पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं.
गौरतलब है कि 20 जनवरी को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बाघों की मौतों के बढ़ते आंकड़ों पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था.
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे द्वारा दायर एक याचिका के अनुसार, साल 2025 में मध्य प्रदेश में कुल 54 बाघों की मौत हुई थी, जो 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत के बाद से एक साल में होने वाली सर्वाधिक मौतें हैं. चिंताजनक बात यह है कि इनमें से आधे से अधिक मौतें अप्राकृतिक कारणों से हुई थीं. Symbolic Photo