नागपुर में नौकरी का झांसा देकर तमिलनाडु में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को बनाया बंधक
बालोद । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नौकरी के नाम पर ठगी और मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. ग्राम करहीभदर के रहने वाले दो मजदूरों, संपत चतुर्वेदी और राकेश खत्री को नागपुर की बिस्किट फैक्ट्री में अच्छी सैलरी का लालच देकर तमिलनाडु ले जाया गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर जबरन बोरवेल और मवेशी चराने के काम में झोंक दिया गया है.
पीड़ित परिवारों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर, एसपी कार्यालय और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है. संपत की पत्नी कौशल्या और राकेश की पत्नी पद्मा बाई का आरोप है कि आरोपियों ने मजदूरों को रिहा करने के एवज में उनसे ऑनलाइन 16 हजार रुपये भी ऐंठ लिए. इसके बावजूद दोनों को छोड़ा नहीं गया, बल्कि अब परिजनों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं.
इस घटना की शुरुआत 28 सितंबर को हुई थी, जब गुरुर क्षेत्र के ग्राम नंगझर निवासी चंद्रेश ठाकुर ने दोनों मजदूरों को बेहतर रोजगार का भरोसा दिलाकर घर से रवाना किया था. लेकिन नागपुर भेजने के बजाय उन्हें तमिलनाडु पहुंचा दिया गया.
मामले में बालोद के एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है. पुलिस इस गिरोह में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है, वहीं परिजन अब अपने लोगों की सुरक्षित घर वापसी के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की आस लगाए बैठे हैं.