छत्तीसगढ़ विधानसभाः जल जीवन मिशन पर भूपेश और साव के बीच तीखी नोकझोंक
छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन पर जोरदार हंगामा
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को जल जीवन मिशन के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ. जीवन मिशन की प्रगति पर पीएचई मंत्री अरुण साव के उत्तर से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
विपक्ष ने सरकार पर गलत आंकड़े पेश करने और योजना में गड़बड़ी के आरोप लगाए. वहीं सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि सरकार बनने के बाद पिछले 17 महीने में कितने नल कनेक्शन दिए गए, और कितनी राशि खर्च की गई.
इसके जवाब में पीएचई मंत्री अरुण साव ने कहा कि इस अवधि में 10 लाख नल कनेक्शन दिए गए. मंत्री के जवाब को विपक्ष के विधायकों ने झूठे आंकड़े बताते हुए वॉकआउट कर दिया.
डबल इंजन की सरकार में सिर्फ आंकडेबाजी- भूपेश
इस बीच भूपेश बघेल और अरूण साव के बीच तीखी नोकझोंक हुई. भूपेश बघेल ने कहा कि कई जिलों में कम राशि खर्च की गई. वहीं कई जिलों में मुकाबले बहुत कम घरों में पानी पहुंचा है.
उन्होंने कहा कि 21 लाख घरों में हमारी सरकार ने पानी दिया. अब तक 31 लाख घरों में पानी पहुंच रहा कह रहे हैं. मतलब करीब 2 साल में डबल इंजन की सरकार ने सिर्फ 10 लाख घरों में नल से पानी दिया. ये भी सही है या आंकड़ेबाजी है.
इसके जवाब में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि अब तक साल 2022-23 से 15 हजार 45 करोड़ मतलब 57 प्रतिशत राशि खर्च हुई है. राशि का भुगतान काम के प्रोग्रेस के मुताबिक किया जाता है. इसलिए अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्थिति है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि साल 2023 के आखिर तक 36 लाख परिवारों तक नल का कनेक्शन दिखाया गया, सिर्फ आंकड़े दिखाने के लिए ये किया गया. हमने जांच कराई तो पता चला कि सिर्फ 21 लाख घरों में पानी जा रहा था, बाकी 15 लाख में सिर्फ नल लगाया गया था.
उन्होंने कहा कि आपने समय पर काम किया होता तो ये हालात नहीं बनते, आपकी सरकार ने बगैर पानी के नल टोटी लगाए.
धरमलाल कौशिक ने मांगा जवाब
जल जीवन मिशन में गड़बड़ी के मामले को भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने उठाया. उन्होंने विभागीय मंत्री से कार्रवाई को लेकर जवाब मांग.
कौशिक ने कहा कि फर्जी दस्तावेज के जरिए फर्म ने काम लिया, ऐसे आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
कौशिक ने कहा कि विभाग की ओर से जानकारी दी गई थी कि, 70 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान नहीं होगा. लेकिन 80 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान किया गया है. क्या भुगतान करने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे.
इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर अभी रिपोर्ट नहीं आई है. रिपोर्ट आएगी तो कार्रवाई होगी, किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने कहा कि अगर नियम के विपरीत भुगतान हुआ है तो जांच कर कार्रवाई करेंगे. मंत्री ने बताया कि एक फर्म पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई हुई, बाकी ज्वाइंट वेंचर में हैं, ब्लैक लिस्टेड किया गया है.