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ईरान युद्ध में ट्रंप ने झोंके करदाताओं के $38 अरब

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16 सित. 2026, 07:16 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

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वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए छह महीने लंबे युद्ध की भारी कीमत देश के करदाताओं को चुकानी पड़ रही है. कांग्रेस के गैर-पक्षपाती बजट कार्यालय (CBO) की नई रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि इस सैन्य अभियान में अब तक अमेरिकी करदाताओं के $38 अरब (लगभग 3.17 लाख करोड़ रुपये) स्वाहा हो चुके हैं. यही नहीं, आने वाले दिनों में करदाताओं की जेब पर हर महीने $3 अरब का अतिरिक्त बोझ और बढ़ने का अनुमान जताया गया है.


करदाताओं के पैसों की भारी बर्बादी, आर्थिक मोर्चे पर भी चपत


अमेरिकी जनता की गाढ़ी कमाई से वसूले गए टैक्स का एक बड़ा हिस्सा ईरान युद्ध के ईंधन और गोलियों में उड़ाया जा रहा है. CBO के आंकड़ों से साफ है कि वर्ष 2027 की पहली तिमाही में यह युद्ध आम नागरिकों के लिए महंगाई में 0.5 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी का कारण बनेगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संघर्ष के कारण आसमान छूती ईंधन की कीमतें भी सीधे तौर पर अमेरिकी उपभोक्ताओं की कमर तोड़ रही हैं.


खर्च तो हुआ अरबों डॉलर, पर खाली हो गया हथियारों का खजाना


करदाताओं के अरबों डॉलर पानी की तरह बहाने के बावजूद अमेरिकी सेना की तैयारियों को गहरा झटका लगा है. रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के दौरान अमेरिका ने अपनी अधिकांश लंबी दूरी की मिसाइलों और रक्षात्मक प्रणालियों को खर्च कर दिया है. इस खाली खजाने और हथियारों के भंडार को फिर से भरने में कम से कम 5 साल का समय लगेगा. इससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि इतनी भारी धनराशि खर्च करने के बाद भी क्या अमेरिकी सुरक्षा को खतरे में डाला गया है?


90 अरब डॉलर की और मांग, कर्ज का बोझ $40 ट्रिलियन पार


हथियारों का भंडार दोबारा भरने के लिए रक्षा विभाग ने सीनेट से करीब $90 अरब की अतिरिक्त आपातकालीन राशि (फंड) मांगी है, जिससे करदाताओं पर दबाव और अधिक बढ़ जाएगा. अमेरिका का कुल सार्वजनिक कर्ज पहले ही $40 ट्रिलियन को पार कर चुका है, ऐसे में युद्ध का यह बढ़ता खर्च देश की वित्तीय स्थिति को और नाजुक बना रहा है.


विपक्ष का हमला: 'ट्रंप का विनाशकारी युद्ध'


हाउस बजेट कमेटी के शीर्ष डेमोक्रेट प्रतिनिधि ब्रेंडन बॉयल ने इस रिपोर्ट के आने के बाद ट्रंप प्रशासन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के इस विनाशकारी युद्ध ने न केवल बहादुर अमेरिकी सैनिकों की जान जोखिम में डाली है, बल्कि गैर-पक्षपाती CBO रिपोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि इसने अमेरिकी करदाताओं के दसों अरब डॉलर जलाकर रख दिए हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है.


प्रशासन का बचाव


दूसरी तरफ, आलोचनाओं के बीच व्हाइट हाउस और पेंटागन ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति द्वारा की गई यह कार्रवाई निर्णायक और जरूरी थी. हालांकि, CBO की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि युद्ध का सारा वित्तीय और आर्थिक बोझ अंततः अमेरिकी करदाताओं के कंधों पर ही आ गिरा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP