ब्रिक्स मुद्रा से डर गए ट्रंप
ब्रिक्स मुद्रा से भयभीत ट्रंप
नई दिल्ली । डेस्क: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) पर 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है. उनका मानना है कि ब्रिक्स वैश्विक बाजार में डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है.
मंगलवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के बाद ट्रंप ने यह चेतावनी दोहराई. इससे पहले सोमवार को उन्होंने दावा किया था कि भारत के साथ व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है.
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत और अमरीका के बीच व्यापारिक समझौता और ब्रिक्स की सदस्यता भारत को एक जटिल स्थिति में डाल सकती है.
भारतीय सरकारी सूत्रों ने ब्लूमबर्ग को बताया कि भारत ट्रंप की इस धमकी से ज्यादा चिंतित नहीं है. उनका कहना है कि भारत का ब्रिक्स की अपनी मुद्रा बनाने की किसी भी योजना को समर्थन देने का कोई इरादा नहीं है. नई दिल्ली के व्यापार मंत्रालय ने इस मुद्दे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
पिछले रविवार को ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के बाद ट्रंप ने इस संगठन को सीधे निशाना बनाया. ब्रिक्स के संयुक्त बयान के जवाब में उन्होंने कड़ा रुख अपनाया. ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों ने ट्रंप के बयान का विरोध किया था.
ट्रंप ने ब्राजील पर शुल्क को अप्रैल के 10 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया, जो जुलाई में अब तक का सबसे बड़ा शुल्क है. दक्षिण अफ्रीका पर अप्रैल में घोषित शुल्क अभी भी लागू है.
अमरीका लंबे समय से भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक रणनीतिक साझेदार मानता है, खासकर चीन के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिये.
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की धमकी ब्रिक्स पर दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है. भारत ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिसे अमरीका के साथ सहज व्यापारिक संबंध बनाये रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.