तृणमूल कांग्रेस ने की कानूनी रूप से बाध्यकारी न्यूनतम वेतन की मांग
नई दिल्ली । डेस्क: तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने शुक्रवार को सदन में देश के श्रमिकों के लिए 'कानूनी रूप से बाध्यकारी सार्वभौमिक बुनियादी न्यूनतम वेतन' (Universal Basic Minimum Wage) की पुरजोर वकालत की. जीरो ऑवर के दौरान इस महत्वपूर्ण विषय को उठाते हुए ओ'ब्रायन ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी केवल ₹176 प्रतिदिन पर ठहरी हुई है, जो श्रमिकों को गरीबी के चक्र में फंसा रही है और देश में खपत को कम कर रही है.
केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने इस प्रस्तावित योजना के लिए 'UMANG' (Universal, Minimum, Annual National Guarantee) नाम का सुझाव दिया.
टीएमसी नेता ने मांग की कि यह न्यूनतम वेतन सभी क्षेत्रों, अनुबंधों और विशेष रूप से असंगठित एवं गिग वर्कर्स पर समान रूप से लागू होना चाहिए. उन्होंने इस वेतन को सीधे मुद्रास्फीति से जोड़ने का सुझाव दिया ताकि बढ़ती कीमतों के साथ श्रमिकों की आय भी स्वतः बढ़ सके.
इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार की 'Banglar Yuba Sathi' योजना का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनकी राज्य सरकार बेरोजगार युवाओं को ₹1,500 की मासिक सहायता प्रदान कर रही है, जबकि बंगाल में बेरोजगारी दर देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है.