रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

TMC ने 3.79 लाख चाय बागान श्रमिकों के साथ अन्याय किया- सीतारमण

C

CG Khabar

26 मार्च 2026, 02:19 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

निर्मला सीतारमण
निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षी दलों, विशेषकर तृणमूल कांग्रेस (TMC), द्रमुक (DMK) और कांग्रेस पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला. आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच वित्त मंत्री का यह संबोधन पूरी तरह से चुनावी तेवर में नजर आया. 


उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और तमिलनाडु की स्टालिन सरकार पर केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालने और राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया.

विज्ञापन


वित्त मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के चाय बागान श्रमिकों का मुद्दा उठाया. उन्होंने सदन में बांग्ला भाषा का प्रयोग करते हुए कहा, "3.79 लाख चा श्रमिकेर संगे अन्याय कोरेछे टीएमसी, अन्याय कोरेछे टीएमसी" (TMC ने 3.79 लाख चाय बागान श्रमिकों के साथ अन्याय किया है). 


सीतारमण ने आरोप लगाया कि केंद्र की जन कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से 2021-22 में शुरू की गई 'प्रधानमंत्री चाय बागान श्रमिक योजना' को बंगाल में लागू नहीं होने दिया गया, जबकि पड़ोसी राज्य असम में 7 लाख से अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिला. 


उन्होंने तृणमूल सांसद सौगत राय के 'वितरणात्मक न्याय' वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राज्य सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के कारण गरीबों का हक मार रही है और केवल अपने कैडरों को लाभ पहुँचा रही है. 


बंगाल की औद्योगिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जो रीढ़ वामपंथियों ने तोड़ी थी, वह तृणमूल के शासन में भी वैसी ही बनी हुई है और राज्य में 'सिंडिकेट राज' हावी है.


बंगाल के बाद वित्त मंत्री ने तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रमुक और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर निशाना साधा. 


उन्होंने तमिल भाषा में बोलते हुए द्रमुक को 'महिला विरोधी' करार दिया और आरोप लगाया कि पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक और केंद्र की पीएलआई (PLI) योजना का विरोध किया है. 


वहीं कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए सीतारमण ने एनडीए सरकार के राजकोषीय प्रबंधन का बचाव किया. 


उन्होंने 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी की तुलना करते हुए कहा कि यूपीए सरकार एक छोटे संकट को संभालने में विफल रही थी, जबकि वर्तमान सरकार ने वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान की और राजकोषीय घाटे को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP