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तेंदूपत्ता बोनस घोटाला, डीएफओ ईओडब्ल्यू और एसीबी की हिरासत में

छत्तीसगढ़ के बस्तर में तेंदूपत्ता बोनस घोटाले को लेकर निलंबित डीएफओ हिरासत में

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17 अप्रै. 2025, 02:21 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

तेंदूपत्ता घोटाला
तेंदूपत्ता घोटाला

रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में बहुचर्चित तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में ईओडब्ल्यू और एसीबी बड़ी कार्रवाई सामने आई है.


जानकारी के मुताबिक सुकमा जिले के तत्कालीन डीएफओ अशोक पटेल को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है.


बीते दिनों ACB और EOW ने बस्तर में अशोक पटेल के अलावा तेंदूपत्ता समिति के प्रबंधकों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी. 


आईएफएस अशोक पटेल को ईओडब्ल्यू और एसीबी ने रायपुर की विशेष कोर्ट में पेश किया.


अशोक पटेल तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में जांच का सामना कर रहे हैं. निलंबित डीएफओ अशोक पटेल 23 अप्रैल तक ईओडब्ल्यू की कस्टोडियल रिमांड पर रहेंगे.


आरोप है कि उन्होंने तेंदूपत्ता मजदूरों के करोड़ों रुपये के बोनस का गबन किया था.

आईएफएस अधिकारी पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

2015 बैच के आईएफएस अधिकारी अशोक पटेल पर वर्ष 2021-22 में तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली बोनस राशि में भारी गड़बड़ी करने का आरोप है.


बताया जा रहा है कि तेंदूपत्ता मजदूरों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर नहीं किए गए और न ही उन्हें नकद भुगतान किया गया.


यह रकम कई महीनों तक अटकी रही और अंततः जब मामला सामने आया तो राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से पटेल को निलंबित कर दिया.


छापेमारी में 26 लाख मिले थे

पिछले दिनों सुकमा जिले में 12 स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की गई थी. छापेमारी में ACB-EOW को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों की जानकारी और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे.


उस दौरान डीएफओ ऑफिस के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63 हजार 700 रुपये नगद मिले थे.


वितरण राशि में घोटाला 

जानकारी के मुताबिक आपराधिक षड़यंत्र कर वर्ष 2021- 2022 सीजन के तेंदुपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक के लिए प्रदान की जाने वाली राशि (करीब 7 करोड़) को संग्राहकों को वितरित नहीं किया गया.


बल्कि सभी ने मिलकर उस राशि का गबन कर लिया. जिसके संबंध में आपराधिक न्यास भंग करने और उसमें से कुछ राशि निजी व्यक्तियों को दिये जाने के संबंध में अपराध दर्ज किया गया था. 

 

छापेमारी के खिलाफ प्रदर्शन 

ईओडब्ल्यू और एसीबी की इस कार्यवाही के पहले पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के निवास पर एसीबी और ईओडब्ल्यू द्वारा की गई छापेमारी के विरोध में और तेंदूपत्ता संग्राहकों को लंबित बोनस राशि के शीघ्र भुगतान की मांग को लेकर सुकमा में धरना-प्रदर्शन हुआ.


मनीष कुंजाम के नेत्रत्व में प्रदर्शनकारियों ने डीएफओ कार्यालय का घेराव करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.


साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आगे चक्काजाम जैसे उग्र कदम उठाए जाएंगे.


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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP