तेलंगाना: नक्सली कमांडर बारसे देवा का आत्मसमर्पण
हैदराबाद । डेस्क: प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) को एक और बड़ा झटका देते हुए, पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की बटालियन नंबर 1 के शीर्ष कमांडर बारसे देवा ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती गांव के निवासी देवा ने 15 अन्य माओवादियों के साथ मिलकर तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) बी. शिवधर रेड्डी के समक्ष हथियार डाले.
यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है क्योंकि देवा उस कुख्यात बटालियन का नेतृत्व कर रहा था जिसे माओवादियों की सबसे विशिष्ट लड़ाकू इकाई माना जाता है.
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में खूंखार कमांडर मडवी हिडमा के मारे जाने के बाद बारसे देवा ही इस इकाई की कमान संभाल रहा था.
देवा दंडकारण्य क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है और उस पर भारी इनाम घोषित था.
तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के तहत देवा को तत्काल वित्तीय सहायता और चिकित्सा देखभाल प्रदान की जाएगी.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 509 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें से अधिकांश छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं.
तेलंगाना के डीजीपी शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस आत्मसमर्पण के बारे में विस्तृत विवरण साझा करेंगे.