CUET-UG परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी: 3,765 छात्र नहीं दे पाए परीक्षा
नई दिल्ली । डेस्क: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक, 'कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट' (CUET-UG) के दौरान शनिवार को कई परीक्षा केंद्रों पर भारी तकनीकी खराबी (ग्लिच) देखने को मिली. इस गड़बड़ी के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी और छात्रों को परीक्षा हॉल में दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा. इस घटना ने एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
3,765 छात्र नहीं दे पाए परीक्षा
शनिवार की सुबह की शिफ्ट में देश भर के करीब 75,000 छात्रों को परीक्षा देनी थी. तकनीकी खराबी के बाद, लगभग 95 प्रतिशत छात्र तो जैसे-तैसे कंप्यूटर-आधारित परीक्षा में शामिल हो पाए, लेकिन 3,765 छात्र (कुल परीक्षार्थियों का लगभग 5 प्रतिशत) परीक्षा नहीं दे सके.
NTA का दावा बनाम छात्रों के आरोप
इस मामले पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सफाई देते हुए कहा कि ये 3,765 छात्र बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के बाद परीक्षा शुरू होने से पहले खुद ही केंद्र छोड़कर चले गए. NTA ने घोषणा की है कि इन छूटे हुए छात्रों को परीक्षा देने का एक और मौका दिया जाएगा और नई तारीखों का ऐलान जल्द होगा.
दूसरी तरफ, सोशल मीडिया और छात्रों की तरफ से गंभीर आरोप लग रहे हैं. नोएडा के आदर्श परीक्षा केंद्र के एक मामले का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर कहा गया कि छात्रों को खुद अधिकारियों ने गलत जानकारी दी थी कि परीक्षा स्थगित हो गई है, जिसके बाद छात्र वहां से चले गए.
परीक्षा केंद्रों का बुरा हाल
देशभर में करीब 300 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही थी, जिनमें से 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज' (TCS) के कई iON डिजिटल जोन केंद्र इस गड़बड़ी की चपेट में आए. दिल्ली के एक केंद्र से ऐसी भी खबर आई जहां उमस और गर्मी के बीच पंखे बेहद धीमी गति से चल रहे थे और छात्र बिना किसी सही जानकारी के घंटों कंप्यूटर के सामने बैठे रहे. परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे माता-पिता ने भी NTA के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला.
TCS और NTA ने मांगी माफी
मामले के तूल पकड़ने पर TCS के सीईओ और प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने बयान जारी कर कहा, "सुबह की शिफ्ट में लगभग दो घंटे की देरी हुई थी. हमारी तकनीकी टीम ने समस्या को पहचान कर तुरंत ठीक कर दिया, जिससे परीक्षा की पवित्रता पर कोई असर नहीं पड़ा. हमें इस असुविधा के लिए खेद है." वहीं NTA ने भी छात्रों से माफी मांगते हुए TCS iON से इस तकनीकी खराबी की पूरी रिपोर्ट मांगी है.
एक्सपर्ट्स ने उठाए जवाबदेही पर सवाल
IIT खड़गपुर के पूर्व कंप्यूटर साइंस प्रोफेसर राजीव कुमार ने इस लापरवाही के लिए सिस्टम के खराब रखरखाव, पुराने कंप्यूटरों और अप्रशिक्षित कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि NTA अक्सर अपनी AI और सीसीटीवी निगरानी का ढिंढोरा पीटता है, लेकिन ये तकनीकें गड़बड़ियों को रोकने में नाकाम रही हैं. यह सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही की भारी कमी है.
नीट (NEET) परीक्षा में पेपर लीक के विवाद के बीच, CUET-UG की इस गड़बड़ी ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है कि कंप्यूटर-आधारित परीक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित और गड़बड़ी से मुक्त होती हैं.