टैक्स-मुक्त देश: जहां नहीं देना पड़ता टैक्स
नई दिल्ली । डेस्क: कई लोगों के लिये आयकर देना एक बड़ा बोझ हो सकता है, लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां कोई आयकर नहीं देना पड़ता. इन देशों में नागरिक अपनी पूरी कमाई अपने पास रख सकते हैं. भारत जैसे देशों में जहां आयकर की दरें 39% तक पहुंच सकती हैं (उच्च आय वालों के लिए 37% सरचार्ज और 4% सेस सहित), वहीं कुछ देश बिना व्यक्तिगत आयकर के अपनी अर्थव्यवस्था चलाते हैं.
खाड़ी देश इस मामले में अग्रणी हैं. संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, ओमान और कुवैत जैसे देशों में व्यक्तिगत आय या वेतन पर कोई सीधा टैक्स नहीं लगता. ये देश अपनी अर्थव्यवस्था को तेल और गैस के विशाल भंडार, पर्यटन क्षेत्र और वैट जैसे अप्रत्यक्ष करों पर निर्भर करते हैं.
इससे नागरिकों को टैक्स-मुक्त जीवन का लाभ मिलता है और उनकी खर्च करने योग्य आय बढ़ती है.
खास तौर पर संयुक्त अरब अमीरात एक प्रमुख उदाहरण है. तेल और पर्यटन से संचालित इसकी मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण नागरिकों को आयकर नहीं देना पड़ता. यही वजह है कि यह देश पेशेवरों के लिये आकर्षण का केंद्र बन गया है, जो बेहतर नौकरी के अवसरों के साथ अपनी पूरी कमाई अपने पास रखना चाहते हैं.
यह सुविधा सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है. ब्रुनेई, मोनाको, नाउरू और बहामास जैसे छोटे लेकिन समृद्ध देश भी अपने नागरिकों को आयकर से छूट देते हैं.
इन देशों की अर्थव्यवस्था तेल, गैस या पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर निर्भर करती है, जिससे आयकर की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि, कई बार ये देश वैट या अन्य शुल्क के जरिये राजस्व जुटाते हैं.
वहीं, भारत में नये टैक्स ढांचे के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. इसके अलावा 75,000 रुपये तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलेगा. यानी कुल 12.75 लाख रुपये तक की आय टैक्स-मुक्त होगी.
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में इसकी घोषणा की. इससे पहले की कर संरचना में 0-4 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं था, फिर 4-8 लाख पर 5%, 8-12 लाख पर 10%, 12-16 लाख पर 15%, 16-20 लाख पर 20%, 20-25 लाख पर 25% और 25 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स देना पड़ता था.