शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

SC ने कहा- मुख्यमंत्री का जांच रोकना लोकतंत्र के लिए खतरा

C

CG Khabar

22 अप्रै. 2026, 02:50 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली । डेस्क: उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय की जांच में बाधा डालने के आरोपों को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि यह केंद्र और राज्य के बीच का कोई सामान्य विवाद नहीं है, बल्कि एक मुख्यमंत्री द्वारा जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना लोकतंत्र को खतरे में डालने जैसा है. 


अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री का जांच के बीच में चले जाना और काम रोकना एक ऐसी असाधारण स्थिति है, जिसकी कल्पना संविधान के 'मूल ढांचे' का सिद्धांत देने वाले ऐतिहासिक फैसलों में भी नहीं की गई थी.


यह मामला 8 जनवरी को कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के दौरान हुई कथित बाधा से जुड़ा है. ईडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और राज्य के अन्य अधिकारियों ने कोयला चोरी घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान उनकी कार्यवाही को बाधित किया. 


सुनवाई के दौरान जब बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि यह मामला केंद्र-राज्य विवाद है, तो पीठ ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह एक व्यक्ति द्वारा व्यवस्था और लोकतंत्र को खतरे में डालने का कृत्य है. 


कोर्ट ने बंगाल की जमीनी स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे हकीकत से अपनी आँखें नहीं मूंद सकते. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों पर रोक लगा दी है और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP