अतिथि व्याख्याताओं की नई नीति में राज्य के मूल निवासियों को मिलेगी वरीयता
रायपुर । संवाददाता: रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के शासकीय महाविद्यालयों और राजकीय विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं के हित में बड़ा निर्णय लिया गया है. सरकार ने 'अतिथि व्याख्याता संशोधित नीति-2026' का अनुमोदन कर दिया है.
इस नई नीति के तहत, यदि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होते हैं, तो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी.
इसके अलावा, अनुभव के अंकों में सुधार करते हुए प्रावधान किया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालयों में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह का अध्यापन पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाएंगे, जिसकी अधिकतम सीमा 30 अंक रखी गई है.
कैबिनेट ने विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का भी फैसला किया है. साथ ही, मानदेय में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था की जगह कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की गई है.
इसके अतिरिक्त, बैठक में पूर्व अग्निवीरों को सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी नियमों के प्रारूप और फिल्म ‘हनुमान अंश’ को एस.जी.एस.टी. छूट की प्रतिपूर्ति के आदेश का भी अनुसमर्थन किया गया.