छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में करीब 10 दिनों की सुस्ती के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. इसके चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है. मौसम विभाग (IMD) ने आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है, साथ ही विशेष रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून 30 जून तक पूरे राज्य को कवर कर चुका था. इस सक्रियता के बीच पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है. सरगुजा जिले के अंबिकापुर सहित कई निचले इलाकों में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है.
मानसून की इस वापसी के साथ ही राज्य के अलग-अलग जिलों से आकाशीय बिजली गिरने की दुखद घटनाएं सामने आई हैं:
सरगुजा: अंबिकापुर के गांधीनगर इलाके में सड़क किनारे खड़े एक ट्रक पर बिजली गिरने से उसमें भीषण आग लग गई. इस हादसे में ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
कोरबा: रामपुर क्षेत्र में एक इमली के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने से वहां शरण लिए हुए छह साइबेरियन (प्रवासी) पक्षियों की मौत हो गई.
बीजापुर: गंगालूर तहसील के कोतेर गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से नौ बकरियों की जान चली गई.
इस दमदार वापसी के बावजूद छत्तीसगढ़ में इस सीजन में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून तक जहां सामान्य तौर पर 188 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं 1 जुलाई तक राज्य में केवल 66.2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है. यह सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम है. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में होने वाली भारी बारिश से इस कमी की भरपाई हो सकेगी.
राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है. यहाँ अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर नागरिकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम या बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और अकेले पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचें. प्रशासन भी बदलते मौसम और जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है.