रेत माफिया ने ग्रामीणों पर की फायरिंग, 3 घायल
राजनांदगांव | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में अवैध खनन रोकने गए ग्रामीणों पर रेत माफियाओं ने फायरिंग कर दी. करीब 6 राउंड गोली चलाई गईं, जिससे तीन ग्रामीण घायल हो गए हैं. इसके बाद माफियाओं ने ग्रामीणों के साथ मारपीट भी की.
गोली एक युवक के सिर को छूते हुए निकल गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस की गाड़ी रोककर ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है. घटना के बाद से पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गई है. जिसे देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है.
पुलिस के मुताबिक घटना बसंतपुर थाना क्षेत्र के मोहड़ गांव की है. गांव के पास स्थित शिवनाथ नदी में लंबे समय से अवैध रूप से रेत का खनन हो रहा था. ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है.
आक्रोशित ग्रामीण बुधवार की रात खनन रोकने मौके पर पहुंचे. इसी दौरान माफियाओं ने ग्रामीणों को धमकाते हुए गोलियां चला दी. गोली गांव के युवक रोशन मंडावी के सिर को छूते हुए निकल गई. इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया.
गांव में तनाव की स्थिति
वारदात की जानकारी मिलते ही बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को गांव में घुसने नहीं दिया.
ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफियाओं को पुलिस के साथ ही राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है.
शिकायत के बाद भी खनिज विभाग और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती, जिसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं.
ग्रामीणों ने एक स्थानीय पार्षद पर भी रेत तस्करों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है.
गोली चलाने की बात अभी स्पष्ट नहीं- एएसपी
गांव में तनाव और विवाद की स्थिति निर्मित होने की सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी राहुल देव शर्मा भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची.
उन्होंने बताया कि गांव में रेत खनन को लेकर विवाद की स्थिति है. स्थिति को नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है. गोली की बात अभी स्पष्ट नहीं है. जांच की जा रही है. वहीं मेडिकल कॉलेज में एक घायल का इलाज जारी है. मारपीट में घायल जितेंद्र साहू और रोशन ठाकुर की हालत सामान्य है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है. दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. मामले की जानकारी लेने के बाद ग्रामीणों को समझाइश दी गई, लेकिन ग्रामीण आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े हुए हैं.
गरियाबंद में पत्रकारों पर किया जानलेवा हमला
इसी तरह रेत माफियाओं ने तीन दिन पहले ही गरियाबंद में कुछ पत्रकारों पर जानलेवा हमला किया था.
अवैध रेत खदान की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था. पत्रकारों का कैमरा छीनकर आईडी को तोड़ दिया था.
माफियाओं ने हवाई फायरिंग भी की थी. पत्रकारों को जान बचाने के लिए खेतों और खलिहानों में छिपना पड़ा था.
एक पत्रकार के सिर पर हथियार से वार किया गया था, जिससे उसका सिर फट गया था.