ट्रम्प के वादों के बावजूद बढ़ती महंगाई, रिपब्लिकन पार्टी की चुनौतियां बढ़ीं
नई दिल्ली । डेस्क: वर्ष 2024 के अगस्त महीने में न्यू जर्सी स्थित अपने गोल्फ क्लब में डोनाल्ड ट्रम्प ने राशन की वस्तुओं और चार्ट्स के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उस दौरान उन्होंने तत्कालीन बाइडन प्रशासन पर देश में आसमान छूती महंगाई का आरोप लगाते हुए वादा किया था कि वे सत्ता में आते ही जीवन-यापन की लागत में कटौती करेंगे और खाद्य पदार्थों की कीमतें कम करेंगे.
हालांकि, उनके दूसरे कार्यकाल के 19 महीने पूरे होने के बाद भी अमेरिकी नागरिकों को राशन और रसोई के सामान के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है, जो आगामी नवंबर के मध्यवधि (मिडटर्म) चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर भारी पड़ता दिख रहा है.
श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (BLS) के आंकड़ों के आधार पर रॉयटर्स द्वारा किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, ट्रम्प द्वारा प्रदर्शित 26 प्रमुख राशन श्रेणियों की कीमतों में 3.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
हालांकि यह बाइडन के कार्यकाल के शुरुआती महीनों की तुलना में काफी कम है, लेकिन फिर भी यह ट्रम्प के उस वादे से अलग है जिसमें उन्होंने कीमतें घटाने की बात कही थी. जहां अंडे और मक्खन जैसी कुछ मदों की कीमतों में गिरावट देखी गई है, वहीं बीफ, कॉफी और सेब जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में भारी उछाल आया है.
न्यू जर्सी के 7वें कांग्रेस के चुनावी क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मतदाताओं की निराशा साफ झलक रही है. कई पारंपरिक रिपब्लिकन समर्थक और स्वतंत्र मतदाता लगातार बढ़ती कीमतों के कारण चुनाव से दूरी बनाने या डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करने पर विचार कर रहे हैं.
हालिया रायटर/इप्सोस पोल के अनुसार, जीवन-यापन की लागत पर ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग में भारी गिरावट आई है. आर्थिक दबावों और दैनिक जीवन की लागतों के कारण मतदाताओं के बीच यह धारणा बन रही है कि डेमोक्रेट्स अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रबंधक हो सकते हैं, जिससे आगामी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है.