राजनांदगांव: मां के हत्यारे बेटे को उम्रकैद की सजा
राजनांदगांव । संवाददाता: मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर देने वाले एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. रुपयों के लालच में अपनी ही जन्मदात्री की बेरहमी से हत्या करने वाले बेटे को न्यायपीठ ने जीवन भर के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता की अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है.
यह दिल दहला देने वाली वारदात अप्रैल 2024 में घुमका थाना अंतर्गत ग्राम बिजेतला में सामने आई थी.
लोक अभियोजक राजेश खांडेकर के मुताबिक, आरोपी टुमन साहू ने अपनी मां कांति बाई साहू से कुछ पैसों की मांग की थी. जब मां ने पैसे देने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी आपा खो बैठा. उसने तैश में आकर अपनी ही मां के सिर पर हथौड़े से कई ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई.
वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर आरोपी ने कानून की नजरों से बचने के लिए साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और मां के शव को गांव के ही एक कुएं में फेंक दिया.
हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से जांच की परतें खुलती गईं और संदेह के आधार पर टुमन साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.
जुर्म कबूलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. अदालत में पेश ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को इस नृशंस अपराध का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा से दंडित किया.