रायपुर: नशे में गाड़ी चलाने के मामलों में रिकॉर्ड उछाल
रायपुर । संवाददाता: राजधानी रायपुर में इस साल नशे में गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ यातायात पुलिस ने बेहद सख्त अभियान छेड़ रखा है. साल 2026 में अब तक रिकॉर्ड 3,510 वाहन चालकों को शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जा चुका है, जो पिछले पूरे साल 2025 के दर्ज 1,537 मामलों के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है.
अतिरिक्त पुलिस उपआयुक्त (यातायात) संजीव शुक्ला ने इन आंकड़ों पर स्पष्ट करते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी शहर में लोगों की शराब पीने की आदत बढ़ने के कारण नहीं, बल्कि सड़कों पर पुलिस की मुस्तैदी और चेकिंग अभियान में आई भारी तेजी की वजह से दर्ज हुई है.
उन्होंने साफ किया कि यह कोई कुछ दिनों का अभियान या अस्थायी मुहिम नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रोजाना की जाने वाली एक निरंतर कार्रवाई है.
इन इलाकों में विशेष नाकेबंदी, कोर्ट काट रही भारी चालान:
यातायात विभाग के अनुसार, रायपुर में होने वाले अधिकांश सड़क हादसों की मुख्य वजह शराब का सेवन ही है. इसे रोकने के लिए पुलिस द्वारा तेलीबांधा, पंडरी, महासमुंद रोड, कालीबाड़ी जैसे प्रमुख चौराहों और व्यावसायिक केंद्रों पर हफ्ते में कम से कम दो या उससे अधिक बार औचक रूप से 'ब्रेथअनालाइजर टेस्ट' किया जा रहा है.
इस कार्रवाई के तहत पकड़े जाने वाले प्रत्येक उल्लंघनकर्ता पर कोर्ट द्वारा सीधे 10,000 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है.
दिखने लगा जमीनी असर:
कड़े कानूनी और वित्तीय दंड के साथ-साथ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का असर अब रायपुर की सड़कों पर भी साफ नजर आने लगा है. एडिशनल डीसीपी संजीव शुक्ला ने बताया कि इस चौतरफा कड़ाई और शिक्षा का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है.
अब शहर के लोगों के व्यवहार में एक नया बदलाव देखा जा रहा है. लोग शराब पीने के बाद खुद गाड़ी चलाने के बजाय कैब बुक कर रहे हैं या फिर किसी ऐसे साथी को साथ रख रहे हैं जिसने शराब न पी हो. File Photo.