RSS प्रमुख मोहन भागवत के कनाडाई दौरे का विरोध
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय आउटरीच कार्यक्रम के तहत संघ प्रमुख मोहन भागवत के आगामी कनाडा दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कनाडा की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) की दो सांसदों, हीथर मैकफर्सन और जेनी क्वान ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार से मोहन भागवत को कनाडा में प्रवेश न देने और संघ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
सार्वजनिक सुरक्षा, विदेश और आव्रजन मंत्रियों को लिखे एक खुले पत्र में दोनों सांसदों ने दावा किया है कि मोहन भागवत की उपस्थिति कनाडा के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए उन्हें तुरंत अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि दोनों सांसद जिस पार्टी (NDP) से जुड़ी हैं, उसकी कमान हाल तक जगमीत सिंह के हाथों में थी, जिन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों पर उनके रुख और खालिस्तानी गतिविधियों से जुड़ाव के कारण भारत सरकार ने 2013 में वीजा देने से इनकार कर दिया था.
मोहन भागवत इस महीने के अंत में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर जाने वाले हैं.
इससे पहले इसी सप्ताह 'जस्टिस फॉर ऑल कनाडा' नामक मानवाधिकार संगठन ने भी 267 नागरिक समाज संगठनों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और धार्मिक नेताओं की ओर से कनाडाई सरकार को पत्र भेजकर भागवत के प्रवेश की समीक्षा करने और वीजा रद्द करने की मांग की थी.
हालांकि, विरोध कर रहे समूहों ने यह स्पष्ट किया है कि उनका अभियान केवल संघ और हिंदुत्व की राजनीति के खिलाफ है, हिंदू धर्म या कनाडा में रहने वाले हिंदू समुदाय के खिलाफ नहीं.