IGKV लीक कांड में 6 गिरफ्तार, प्रोफेसर ने एंडोस्कोपी कैमरे से चुराया पेपर
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की स्नातक परीक्षाओं की गोपनीयता में सेंध लगाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. परीक्षा शुरू होने से महज दो घंटे पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की विशेष टीम गठित कर साइबर ट्रैकिंग की मदद से महज 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित कुल छह आरोपियों को दबोच लिया. इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में कार्यरत प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया निकला है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य संदिग्ध अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
मेडिकल कैमरे से सेंधमारी का अनोखा तरीका
पुलिस की तफ्तीश में इस डिजिटल चोरी का बेहद अनोखा और हैरान कर देने वाला तरीका सामने आया है. रायपुर के कृषि महाविद्यालय से प्रश्नपत्रों के सीलबंद लिफाफे अपने कॉलेज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रोफेसर योगेश के पास ही थी. 17 अगस्त को प्रश्नपत्र हासिल करने के बाद आरोपी लिफाफे को अपने घर ले गया. वहां उसने सुई और नुकीले औजारों की मदद से लिफाफे में एक बारीक छेद किया. इसके बाद करीब 2,500 रुपये में खरीदे गए मेडिकल एंडोस्कोपी कैमरे को छेद के जरिए लिफाफे के भीतर डालकर पूरे प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग तैयार कर ली. इस रिकॉर्डिंग से पर्चा तैयार कर उसने सबसे पहले अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक को करीब 11 हजार रुपये में बेचा, जिसने आगे चलकर अन्य सहपाठियों को यह पेपर व्हाट्सएप व अन्य डिजिटल माध्यमों से डिलीवर कर दिया.
अन्य परीक्षाओं के पर्चे भी हुए थे लीक
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि केवल 20 अगस्त को होने वाला बीएससी द्वितीय वर्ष का एंटोमोलॉजी (कीटशास्त्र) का पर्चा ही लीक नहीं हुआ था, बल्कि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी का पेपर भी इसी तरकीब से निकाला गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कड़े निर्देशों पर रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर समेत कई जिलों में पुलिस टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी की. तेलीबांधा थाना पुलिस ने मुख्य षड्यंत्रकारी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38) के अलावा पेपर खरीदने व फैलाने वाले छात्र अजय नायक (20), त्रिदेव पटेल (22), नितिन पाण्डेय (22), अनुज मिंज (22) और आदित्य साहू (20) को गिरफ्तार कर लिया है.
सामग्री बरामद और कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिक्री के 11 हजार रुपये नगद, 6 स्मार्ट फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, फेविकोल और लिफाफा छेड़ने में इस्तेमाल की गई सुई-सूजा बरामद की है. आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 की धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज किया गया है. 2019 से कॉलेज में पदस्थ इस प्रोफेसर की करतूत ने पूरी विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.