प्रियंका गांधी ने मोदी राज को बताया 'ब्रिटिश शासन' के समान
पटना । डेस्क: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को बिहार के वाल्मीकि नगर और चनपटिया विधानसभा क्षेत्रों में विशाल रैलियों को संबोधित करते हुए देश की मौजूदा स्थिति को ब्रिटिश शासन के समान बताया. उन्होंने भारत में लोकतंत्र के भविष्य पर संदेह व्यक्त किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सत्ता हासिल करने के लिए 'वोट चोरी' कर रही है और जनता को एनडीए को सत्ता से हटाने का आह्वान किया.
प्रियंका गांधी ने कहा, "एनडीए सब कुछ खत्म कर देगी. यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में चुनाव भी होंगे या नहीं." उन्होंने बिहार की जनता से कहा कि उनके पूर्वजों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और उन्हें संविधान दिया, जिसने उन्हें सरकार बनाने का अधिकार दिया.
उन्होंने दावा किया, "आज, वही अधिकार आपसे छीना जा रहा है. नरेंद्र मोदी का शासन ब्रिटिश साम्राज्य से कम नहीं है. उनकी सरकार ने केवल बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी दी है. स्थिति बदलने के लिए 'इंडिया' गठबंधन की सरकार बनाएं."
उन्होंने एनडीए पर बिहार में सत्ता हथियाने के लिए 'वोट चुराने' का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि एसआईआर अभ्यास के माध्यम से लगभग 65 लाख नाम, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं, जानबूझकर मतदाता सूची से हटा दिए गए ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके.
उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनावों में अनियमितताओं के संबंध में लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'खुलासे' का भी जिक्र किया और कहा, "मेरे भाई राहुल ने आज हरियाणा में 'वोट चोरी' को उजागर किया."
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि पीएम अपराध, भ्रष्टाचार और युवा शिक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों की तुलना में आरजेडी नेता और 'इंडिया' ब्लॉक के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव के पोस्टरों से राहुल गांधी की तस्वीर की अनुपस्थिति को लेकर अधिक चिंतित लगते हैं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी राजनीतिक रैलियों के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंच भी साझा नहीं करते हैं.
कांग्रेस महासचिव ने वादा किया कि अगर 'इंडिया' ब्लॉक सत्ता में आता है, तो बिहार के लोगों को 25 लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा उपचार मिलेगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे हर परिवार को कम से कम एक सरकारी नौकरी प्रदान करने और विभिन्न विभागों में लाखों खाली पदों को भरने की कोशिश करेंगे.
इसके अलावा, उन्होंने परीक्षा पेपर लीक की समस्या को खत्म करने और एक 'जॉब कैलेंडर' शुरू करने का वादा किया, जिसमें परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों की तारीखें पहले से तय होंगी.