8 साल पहले खदान से चुराए थे 10 लाख के बहुमूल्य पत्थर, ग्राहक तलाशते पकड़ा गया
धमतरी में साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 146 नग बहुमूल्य हीरे जब्त, 8 साल बाद पकड़ा गया बलौदाबाजार का 64 वर्षीय तस्कर.
धमतरी । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस और साइबर थाना टीम को कीमती पत्थरों की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर बिछाए गए जाल में एक 64 वर्षीय बुजुर्ग तस्कर फंस गया, जिसके पास से लाखों रुपये कीमत के बहुमूल्य पत्थर बरामद किए गए हैं. आरोपी की पहचान बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के के.के. वार्ड निवासी विनोद अग्रवाल के तौर पर हुई है.
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी एनएच-30 पर स्थित कोड़ापार नहर पुलिया के समीप किसी खरीदार के आने का इंतजार कर रहा था. सूचना की पुष्टि होते ही चौकसी बढ़ा दी गई और बिरेझर चौकी व साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया.
कड़ाई से की गई पूछताछ और तलाशी में आरोपी के पास से 146 नग पारदर्शी, सफेद और चमकदार बहुमूल्य पत्थर (हीरे) बरामद हुए. जांच कराने पर इन पत्थरों का कुल वजन 16.17 ग्राम (शुद्ध वजन 13.49 ग्राम) पाया गया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 10 लाख 5 हजार रुपये बताई जा रही है.
इसके अतिरिक्त, आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की गई है. जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपये आंकी गई है.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध पायलीखंड खदान क्षेत्र से इन कीमती पत्थरों को चुराया था. पिछले आठ वर्षों से वह इन्हें बेचने की फिराक में सही ग्राहक की तलाश कर रहा था और इसी सिलसिले में धमतरी पहुंचा था.
उल्लेखनीय है कि जिले में गैर-कानूनी गतिविधियों और बेशकीमती खनिजों की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने सख्त रुख अपना रखा है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) तथा खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.