किसानों के लिए व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार- पीएम मोदी
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि वह इसके लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं. यह बयान अमरीका द्वारा भारतीय वस्तुओं, विशेषकर कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क को 50% तक बढ़ाने की घोषणा के बाद आया है.
पीएम मोदी ने कहा, "हमारे लिए अपने किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है. भारत अपने किसानों के, पशुपालकों के, और मछुवारे भाई-बहनों के हितों के साथ कभी भी समझौता नहीं करेगा. और मैं जानता हूं व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं. मेरे देश के किसानों के लिए, मेरे देश के मछुआरों के लिए, मेरे देश के पशुपालकों के लिए आज भारत तैयार है. किसानों की आय बढ़ाना, खेती पर खर्च कम करना, आय के नए स्रोत बनाना, इन लक्ष्यों पर हम लगातार काम कर रहे हैं."
उन्होंने आगे कहा, "डॉ.एम. एस. स्वामीनाथन ने हमें सिखाया था कि खेती सिर्फ फसल की नहीं होती, खेती लोगों की जिंदगी होती है. खेत से जुड़े हर इंसान की गरिमा, हर समुदाय की खुशहाली और प्रकृति की सुरक्षा, यही हमारी सरकार की कृषि नीति की ताकत है. हमें विज्ञान और समाज को एक धागे में जोड़ना है, छोटे किसान के हितों को सर्वोपरि रखना है, और खेतों में काम करने वाली महिलाओं को सशक्त करना है, Empower करना है. हम इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें, डॉ. स्वामीनाथन की प्रेरणा हम सभी के साथ है. मैं एक बार फिर आप सभी को इस समारोह की बहुत-बहुत बधाई देता हूं"
प्रधानमंत्री ने यह बात स्वर्गीय प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्वामीनाथन के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया.
स्वामीनाथन, जिन्हें भारत में 'हरित क्रांति का जनक' कहा जाता है, ने 1960 के दशक में उच्च उपज देने वाली गेहूं की किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर भारतीय कृषि को बदल दिया था.
उनके प्रयासों से खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और किसानों के बीच गरीबी कम करने में मदद मिली.
स्वामीनाथन का जन्म 7 अगस्त, 1925 को कुंभकोणम में हुआ था और 28 सितंबर, 2023 को 98 वर्ष की आयु में चेन्नई, तमिलनाडु में उनका निधन हो गया.