पितृपक्ष आज से, पखवाड़े भर चलेगा तर्पण-श्राद्ध
पितृ पक्ष आज से शुरू, पखवाड़े भर चलेगा तर्पण-श्राद्ध्
रायपुर | संवाददाताः पितृपक्ष आज से शुरू हो गया है. पितृपक्ष का पहला प्रतिपदा श्राद्ध् आज तर्पण किया गया. हालांकि कल 7 सितंबर को भाद्रपक्ष की पूर्णिमा श्राद्ध किया गया था. पितृपक्ष का समापन 21 सितंबर सर्व अमावस्या के दिन होगा.
हिन्दू धर्म में पितृपक्ष को बहुत ही महत्वपूर्ण और खास माना जाता है. पक्ष के 15 दिन मृतकों के नाम से श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है.
पितृपक्ष में तिथि के अनुसार पितरों का श्राद्ध करने का रिवाज है. इसीलिए पितृ पक्ष को श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है.
सोमवार को पहले दिन प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध किया गया. यह श्राद्ध उन पितरों के लिए होता है जिनकी मृत्यु प्रतिपदा तिथि को हुई थी.
इसी तरह इस पक्ष के 15 दिन मृतकों की तिथि अनुसार श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है.
परिवार में किसी भी व्यक्ति या पूर्वजों का देहांत हो चुका है उन्हें हम पितृ मानते हैं.
परिवार के सदस्य अपने पूर्वजों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष में पूजा, तर्पण और श्राद्ध करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.
श्राद्ध घर के वरिष्ठ सदस्य करते हैं. अगर घर में वरिष्ठ सदस्य ना हो तो घर का कोई भी सदस्य तर्पण कर सकता है.
पौत्र या नाती भी तर्पण और श्राद्ध् कर सकते हैं. महिलाएं भी तर्पण और श्राद्ध करती हैं. इसके साथ ही दान और गरीबों को भोज कराने की भी परंपरा है.
श्राद्ध तिथियों का क्रम
8 सितंबर-प्रतिपदा
9 सितंबर- द्वितीया
10 सितंबर- तृतीया
11 सितंबर- चतुर्थी व पंचमी
12 सितंबर- षष्ठी
13 सितंबर- सप्तमी
14 सितंबर- अष्ठमी
15 सितंबर- नवमी
16 सितंबर- दशमी
17 सितंबर- एकादशी
18 सितंबर- द्वादशी
19 सितंबर- त्रयोदशी
20 सितंबर- चतुर्दशी
21 सितंबर- सर्वपितृ अमावस्या.