पेंड्रा: चर्चित नंदू काशीपुरी हत्याकांड में 4 दोषियों को उम्रकैद
पेंड्रा । संवाददाता: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के चर्चित नंदू काशीपुरी हत्याकांड में पेंड्रारोड स्थित द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल की अदालत ने चार मुख्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने रामाशंकर सोनी, रोहित यादव, लालू चौधरी और सावित्री को हत्या, अपहरण और साजिश रचने का दोषी पाते हुए उम्रकैद के साथ 5-5 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है.
इसी मामले में लूटी गई गाड़ी खरीदने वाले उमाकांत उपाध्याय को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मिली है, जबकि साक्ष्यों की कमी के कारण एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया. न्यायालय ने पीड़ित परिवार को 'पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना-2011' के तहत मुआवजा देने की सिफारिश भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से की है.
यह सनसनीखेज मामला सितंबर 2022 का है, जब गौरेला के टैक्सी स्टैंड से बोलेरो चालक नंदू काशीपुरी अचानक गायब हो गया था.
वाहन मालिक अशफाक खान और परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो मध्य प्रदेश के बिजुरी रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात शव बरामद हुआ. परिजनों ने बाद में इस शव की पहचान नंदू के रूप में की.
साइबर सेल और पुलिस टीम की कड़ी मशक्कत के बाद जब संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तब इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ.
जांच में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने बेहद शातिराना अंदाज में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था.
दोषियों ने पेंड्रा के ग्राम कुदरी जाने के नाम पर बोलेरो बुक की और किसी को शक न हो, इसलिए एक आरोपी अपनी पत्नी को भी साथ ले गया था.
रास्ते में चिरमिरी मार्ग के पास सुनसान जगह पर नंदू का अपहरण कर लिया गया.
वहां दो आरोपियों ने उसके हाथ दबोचे और तीसरे ने मोटरसाइकिल के क्लच वायर से उसका गला घोंटकर जान ले ली. मामले को आत्महत्या का रूप देने के इरादे से शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था.
इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए गाड़ी की नंबर प्लेट बदली, फर्जी दस्तावेज बनाए और उसे मध्य प्रदेश के उमरिया में बेच दिया था. अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने सभी दोषियों को सख्त सजा सुनाई.