मध्य प्रदेश के मां बगलामुखी मंदिर में 'समानांतर डोनेशन रैकेट' का भंडाफोड़
आगर मालवा । डेस्क: मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में एक बड़ा वित्तीय घोटाला और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. सरकारी समिति द्वारा प्रबंधित किए जाने वाले इस मंदिर में कथित तौर पर एक अवैध 'समानांतर समिति' सक्रिय थी, जो मंदिर परिसर के भीतर ही भक्तों से नकद और सोने-चांदी के आभूषणों का दान स्वीकार कर रही थी. हैरान करने वाली बात यह है कि यह फर्जी समिति बकायदा नकली रसीदें जारी कर इस खेल को अंजाम दे रही थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर प्रीति यादव ने जिला पंचायत सीईओ बी. एस. सोलंकी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है. इस समिति को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
निजी बैंक खातों में जा रहा था दान का पैसा;
कलेक्टर के आदेश के अनुसार, प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एक गैर-सरकारी समिति मंदिर प्रशासन से अलग होकर अवैध रूप से दान की वसूली कर रही है. इस अवैध वसूली के पैसे को सरकारी खजाने में जमा कराने के बजाय निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था. जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं बल्कि एक सुसंगत और संगठित रैकेट प्रतीत होता है, क्योंकि इसके लिए बाकायदा रसीदें और काउंटर तक तैयार किए गए थे. आशंका जताई जा रही है कि इस धोखाधड़ी में बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण हड़पे गए हैं.
हर तीन महीने में होगा राज्य के मंदिरों का ऑडिट: संस्कृति मंत्री:
इस पूरे मामले पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही जिला कलेक्टर को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री लोधी ने कहा, "कुछ लोग, जिनका बगलामुखी मंदिर प्रशासन से कोई लेना-देना नहीं है, मंदिर के नाम पर फर्जी रसीदें छपवाकर अवैध वसूली कर रहे थे. इस कृत्य में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगी."
इसके साथ ही संस्कृति मंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य के सभी सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों का हर तीन महीने में ऑडिट कराया जाएगा. इसके अलावा, दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए सरकार जल्द ही राज्य के मंदिरों में डिजिटल डोनेशन सिस्टम (डिजिटल दान प्रणाली) लागू करने की योजना बना रही है.
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना, उठाए गंभीर सवाल:
इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है. कांग्रेस विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सत्ताधारी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासनकाल में अब भगवान का खजाना भी सुरक्षित नहीं रह गया है.
उमंग सिंघार ने कहा कि पहले ओरछा के राजा राम सरकार मंदिर से नकदी और आभूषण गायब होने का मामला सामने आया था, जिसकी जांच नौ साल बाद भी अधूरी है. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल करते हुए पूछा कि इस मामले की जांच किस दिशा में जा रही है और क्या इस घोटाले की फाइल को भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा या फिर दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई होगी?
बहरहाल, जांच समिति अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस संगठित रैकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं और क्या मंदिर प्रशासन का भी कोई कर्मचारी या अधिकारी इस बड़ी वित्तीय अनियमितता में शामिल था.