ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने महानदी जल विवाद पर शुरू की वार्ता
भुवनेश्वर । डेस्क: एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने शनिवार को महानदी नदी के जल बंटवारे के लंबे समय से चले आ रहे विवाद को हल करने के लिए रचनात्मक वार्ता शुरू की. दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें महानदी नदी बेसिन में जल बंटवारे के विवादित मुद्दे पर चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने X पर एक पोस्ट में बैठक की जानकारी साझा की.
उन्होंने कहा कि दोनों राज्य आपसी सहमति और सहयोग के माध्यम से एक लाभकारी समाधान की दिशा में ईमानदारी से काम करने के लिए सहमत हुए हैं.
यह निर्णय लिया गया कि सितंबर में दोनों राज्यों के मुख्य अभियंताओं (EICs) की अध्यक्षता में तकनीकी समितियाँ साप्ताहिक रूप से बैठक करेंगी ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान और समाधान किया जा सके. समितियाँ महानदी जल बंटवारे पर मजबूत समन्वय के लिए एक संस्थागत ढांचा बनाने पर भी चर्चा करेंगी.
अक्टूबर में मुख्य सचिवों और दोनों राज्यों के जल संसाधन सचिवों की बैठक होगी, जिसमें प्रगति की समीक्षा की जाएगी और चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा.
इस प्रक्रिया को और गति देने के लिए, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों की दिसंबर तक, आपसी सुविधानुसार, बैठक होने की उम्मीद है, ताकि प्रगति का आकलन किया जा सके और दोनों राज्यों के लोगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एक दीर्घकालिक, मैत्रीपूर्ण समाधान की दिशा में काम किया जा सके.
महानदी नदी के जल संसाधनों के बंटवारे और प्रबंधन को लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद कई वर्षों से चला आ रहा है, जिसका असर कृषि, आजीविका और क्षेत्रीय सौहार्द पर पड़ा है. सहयोग और वार्ता के प्रति यह नई प्रतिबद्धता इस मुद्दे के समाधान की दिशा में एक आशाजनक कदम है.