छत्तीसगढ़ विधानसभा में गिरा अविश्वास प्रस्ताव: 15 घंटे चली बहस
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव राज्य विधानसभा में भारी बहुमत से गिर गया है. शुक्रवार को शुरू हुई यह बहस शनिवार तड़के 2:30 बजे तक यानी करीब 15 घंटे तक चली. इस मैराथन चर्चा और तीखी नोकझोंक के बाद जब प्रस्ताव पर मतदान हुआ, तो सत्ता पक्ष ने पूर्ण बहुमत के साथ इसे सिरे से खारिज कर दिया.
इस लंबी बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के खिलाफ बिना किसी ठोस आधार के अविश्वास प्रस्ताव लाना जनता के भरोसे और जनमत का अपमान है.
इससे पहले, सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त सियासी घमासान देखने को मिला.
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए एक विस्तृत आरोप पत्र पेश किया, जिसमें कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विफलताओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए. विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार को चौतरफा घेरते हुए दावा किया कि मौजूदा प्रशासन जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहा है.
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष के इन हमलों का आक्रामक जवाब दिया.
मंत्रियों और वरिष्ठ विधायकों ने सरकार का पुरजोर बचाव करते हुए विकास कार्यों, कृषि सुधारों और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आम लोगों तक पहुंचाई गई मदद का ब्योरा सामने रखा. सत्ता पक्ष ने विपक्ष को 'दिशाहीन, सिद्धांतहीन और राजनीति से प्रेरित' बताते हुए आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए जल्दबाजी में लाया गया था, न कि किसी तथ्य या वास्तविक मुद्दे के आधार पर.
तड़के तक चली दोनों पक्षों की दलीलों, आरोपों और पलटवार के बाद आखिरकार अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई गई, जिसमें विपक्ष को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा.