NCRB रिपोर्ट: छत्तीसगढ़ में घट रहे 'टोना-टोटका' के नाम पर कत्ल
रायपुर । संवाददाता: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी 'क्राइम इन इंडिया 2024' की ताजा रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के लिए राहत और चिंता दोनों लेकर आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास और जादू-टोने के संदेह में होने वाली हत्याओं के मामलों में पिछले तीन वर्षों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, सुधार के बावजूद छत्तीसगढ़ इस शर्मनाक सूची में देश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है.
NCRB के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में छत्तीसगढ़ में जादू-टोने के शक में 10 हत्याएं दर्ज की गईं. यह संख्या साल 2022 की तुलना में काफी कम है, जब छत्तीसगढ़ 25 हत्याओं के साथ पूरे देश में शीर्ष पर था. साल 2023 में भी यह आंकड़ा घटकर 19 पर आया था और अब 2024 में इसमें और कमी देखी गई है, जो राज्य में सामाजिक जागरूकता और पुलिस की सक्रियता का सकारात्मक संकेत है.
वहीं, छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में स्थिति इसके उलट है. मध्य प्रदेश में इस तरह के अपराधों में बढ़ोतरी हुई है और वह 17 हत्याओं के साथ अब देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है. आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देशभर में हुई कुल 54 ऐसी हत्याओं में से आधी (27 मामले) अकेले छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में गिरावट का यह ट्रेंड उत्साहजनक है, लेकिन पूरी तरह से अंधविश्वास को खत्म करने के लिए अभी भी ग्रामीण अंचलों में जमीनी स्तर पर और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है.
रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि इन हत्याओं को 'नरबलि' या 'बाल बलि' की श्रेणी से अलग रखा गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की स्थिति अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर रही है.