बस्तर में नक्सलवाद का लगभग अंत: अमित शाह
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत वामपंथी उग्रवाद पर हुई चर्चा के दौरान घोषणा की कि छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में अब नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है. उन्होंने केंद्र सरकार के उस संकल्प को दोहराया जिसमें 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को जड़ से मिटाने का लक्ष्य रखा गया है.
अमित शाह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीति बेहद साफ है, हथियार उठाने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी और यदि हथियार नहीं डाले गए तो सरकार गोली चलाने से पीछे नहीं हटेगी.
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने सवाल किया कि जो विकास पिछले 12 वर्षों में हुआ, वह आजादी के बाद कांग्रेस के 60 साल के शासन में आदिवासियों तक क्यों नहीं पहुँचा.
उन्होंने नक्सलवाद के विस्तार के लिए इंदिरा गांधी के दौर की राजनीतिक विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वोट के लिए नक्सलवाद को पनपने दिया गया, जिसके कारण 20,000 निर्दोष लोगों की जान गई.
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सली 'स्टेट वैक्यूम' पैदा कर अपनी समानांतर सरकारें चलाते थे, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने इस सफलता का श्रेय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और राज्य पुलिस के जवानों को देते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की.