नागपुर ब्लास्ट मामला: SBL एनर्जी के ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
रायपुर । संवाददाता: महाराष्ट्र के नागपुर में हुए भीषण फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में नागपुर पुलिस की टीम ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने निजी विस्फोटक निर्माता कंपनी 'SBL एनर्जी लिमिटेड' के सीईओ आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी के कार्यालय और आवास पर छापेमारी की.
यह कार्रवाई दोनों भाइयों के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को तामील कराने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन दोनों आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आए और फरार चल रहे हैं.
स्थानीय देवेंद्र नगर थाना पुलिस के सहयोग से नागपुर की टीम ने फाफाडीह स्थित कंपनी के दफ्तर और अन्य संभावित ठिकानों पर सघन तलाशी ली.
नागपुर (ग्रामीण) के एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मई के महीने में दोनों आरोपियों को आत्मसमर्पण करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया था. कोर्ट द्वारा दी गई अवधि समाप्त होने के बाद भी जब उन्होंने सरेंडर नहीं किया, तो पुलिस टीम उन्हें गिरफ्तार करने रायपुर पहुंची थी.
गौरतलब है कि इसी साल 1 मार्च को नागपुर जिले में स्थित SBL एनर्जी के विस्फोटक और डेटोनेटर निर्माण संयंत्र में एक भयानक विस्फोट हुआ था. इस औद्योगिक हादसे में 24 श्रमिकों की मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसे देश के हालिया इतिहास के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में से एक माना जा रहा है.
हादसे के बाद जांचकर्ताओं ने कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया था. बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद स्थानीय अदालत ने दोनों भाइयों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. इसके साथ ही दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया जा चुका है.
इसके अलावा, SBL एनर्जी लिमिटेड हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विवादों में रही है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कंपनी और इसके सीईओ पर सूडान में सैन्य अभियानों के लिए विस्फोटकों की आपूर्ति करने के आरोपों के तहत प्रतिबंध लगाए हैं.
हालांकि, यह प्रतिबंध पूरी तरह से एक अलग मामला है और इसका नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट की जांच से कोई संबंध नहीं है. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.