महासमुंद में करोड़ों के गैस घोटाले का पर्दाफाश
महासमुंद । डेस्क: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एलपीजी गैस की बड़े पैमाने पर हेराफेरी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर और व्यवसायी मनीष चौधरी को हिरासत में लिया है.
इन सभी पर लगभग 1.50 करोड़ रुपये मूल्य की रसोई गैस के गबन का गंभीर आरोप है.
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत बीते 24 दिसंबर को सिंघोड़ा क्षेत्र में हुई थी, जहां अवैध रिफिलिंग की सूचना पर पुलिस ने 6 एलपीजी कैप्सूल जब्त किए थे. जांच में सामने आया कि इन कैप्सूलों में मौजूद करीब 102 मीट्रिक टन गैस में से 92 टन की हेराफेरी महज एक सप्ताह के भीतर कर दी गई थी.
पुलिस अधीक्षक द्वारा किए गए खुलासे के अनुसार, ठाकुर पेट्रो-केमिकल को सौंपे गए इन कैप्सूलों से गैस चोरी कर उसे अवैध रूप से बाजार में बेचा गया. मामले को दबाने के लिए आरोपियों ने गैस का गलत वजन दिखाकर प्रशासन को गुमराह करने वाली फर्जी रिपोर्ट भी तैयार की थी.
पुलिस ने इस सिंडिकेट के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सभी आरोपियों पर गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है.
हालांकि इस मामले में एक गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, लेकिन पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. Symbolic Photo