मानसून का जोर: बांगो डैम के 5 गेट खोलने से 35 गांवों में बाढ़ का अलर्ट
रायपुर । संवाददाता: झारखंड और पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है. आगामी दो दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने का अनुमान है, जिसके बाद बारिश की रफ्तार में कुछ कमी आ सकती है. पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा संभाग में मुसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिसमें कुसमी में सर्वाधिक 180 मिमी वर्षा हुई.
मिनीमाता बांगो डैम के खुले 5 गेट, 35 गांवों में मुनादी
लगातार हो रही बारिश के कारण कोरबा स्थित मिनीमाता बांगो डैम का जलस्तर 92.48 प्रतिशत तक पहुंच गया है. सुरक्षा के मद्देनजर बांध के 5 गेट खोलकर हसदेव नदी में 3005 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 35 तटीय गांवों में अलर्ट जारी करते हुए मुनादी कराई है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है. प्रभावित होने की आशंका वाले गांवों में बांगो, पोड़ी-उपरोड़ा, लेपरा, छिनमेर, औराकछार, जेलगांव और सिरकीकला सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं.
प्रदेश में बारिश का मिला-जुला गणित
छत्तीसगढ़ में 1 जून से 13 अगस्त तक की अवधि में औसत 668.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो कि सामान्य औसत (734.4 मिमी) से 9 प्रतिशत कम है. हालांकि, मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह आंकड़ा फिलहाल 'सामान्य बारिश' की श्रेणी में ही आता है.
प्रदेश के कुल 33 जिलों में से 20 जिलों में सामान्य, 6 जिलों में सामान्य से अधिक और 7 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है. राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक यानी 727.8 मिमी बारिश हो चुकी है.
सारंगढ़ में बंपर बारिश, सरगुजा में सूखे जैसे हालात
ज़िलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सारंगढ़-बिलाईगढ़ में इस मानसून में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है, जहां सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक (948.2 मिमी) बारिश हुई है. वहीं, कुल बारिश के मामले में नारायणपुर जिला 1043.9 मिमी बारिश के साथ सबसे आगे है, जो सामान्य से 34 प्रतिशत अधिक है.
इसके विपरीत, सरगुजा संभाग के जिलों में बारिश का आंकड़ा चिंताजनक बना हुआ है. सरगुजा जिले में सामान्य से 51 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सबसे अधिक कमी है. इसके अलावा जशपुर में 45 प्रतिशत और बेमेतरा में 40 प्रतिशत कम बारिश हुई है.