मोदी ने कसा तमिल नेताओं पर तंज-कोई तमिल में सिग्नेचर नहीं करता
रामेश्वरम | डेस्कः दक्षिण भारत में भाषा विवाद के बीच तमिलनाडु पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं राज्य सरकार से मांग करता हूं कि वे डॉक्टरी की पढ़ाई तमिल भाषा में कराएं. उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और डीएमके नेताओं पर तंज कसा है.
उन्होंने कहा-देशभर में कई राज्यों ने मातृभाषा में डॉक्टरी की शिक्षा आरंभ की है. अब गरीब से गरीब मां का बेटा-बेटी भी जिसने अंग्रेजी नहीं पढ़ी है, वो भी डॉक्टर बन सकते हैं. मैं भी तमिलनाडु सरकार से आग्रह करूंगा कि वो तमिल भाषा में डॉक्टरी के कोर्सेस चालू करें, ताकि गरीब मां के बेटे-बेटी भी डॉक्टर बन सकें.
नरेंद्र मोदी यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा- मैं तो कभी-कभी हैरान हो जाता हूं, तमिलनाडु के कुछ नेताओं की चिट्ठियां जब मेरे पास आती हैं. कभी भी कोई नेता तमिल भाषी में सिग्नेचर नहीं करता है. अरे तमिल का गौरव हो, मैं सबसे कहूंगा कम से कम तमिल भाषा में अपने सिग्नेचर तो करो.
तीन दिन के श्रीलंका दौरे से प्रधानमंत्री सीधे तमिलनाडु पहुंचे. प्रधानमंत्री ने रामेश्वरम के रामनाथ स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की और रामेश्वरम में एशिया के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे ब्रिज और दूसरी योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया.
उन्होंने पंबन ब्रिज को तकनीक और विरासत का संगम बताते हुए कहा कि यहां आकर वे धन्य महसूस कर रहे हैं. पिछले 10 साल में विकास के कई कार्य हुए हैं, और देश में निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. बुलेट ट्रेन और मेगा प्रोजेक्ट्स पर भी तेज गति से काम हो रहा है.
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बीते दशक में भारत की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो गई है और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रेल, रोड, एयरपोर्ट, पोर्ट आदि के लिए बजट छह गुना बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के विकास के लिए 2014 की तुलना में तीन गुना ज्यादा फंड दिया गया है.
उन्होंने कहा कि आज दुनिया में भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है. लोग भारत को जानना चाहते हैं, भारत को समझना चाहते हैं. इसमें भारत के कल्चर का, हमारी सॉफ्ट पॉवर का भी बड़ा रोल है.