पाकिस्तान की सीमा से जुड़े चार राज्यों में होगी मॉक ड्रिल
भारत में फिर से पाकिस्तान की सीमा से जुड़े राज्यों में मॉक ड्रिल
रायपुर | संवाददाताः पाकिस्तान की सीमा से जुड़े राज्यों में कल शाम यानी गुरुवार को मॉक ड्रिल होगी. इन राज्यों में जम्मू-कश्मीर, गुजरात, हरियाणा शामिल हैं. वहीं, पंजाब में 3 जून को मॉक ड्रिल होगी. इस दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
इससे पहले 7 मई को देश के 244 जिलों में मॉक ड्रिल हुई थी. इसमें नागरिकों को हमले के दौरान खुद को बचाने की ट्रेनिंग दी गई.
यह इसलिए किया गया ताकि युद्ध की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
देश में पिछली बार ऐसी मॉक ड्रिल 1971 में हुई थी. तब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. यह मॉक ड्रिल युद्ध के दौरान हुई थी.
दरअसल, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाक में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी.
सेना ने 100 आतंकियों को मारने का दावा किया था. इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है.
हालांकि, 10 मई को दोनों देशों ने संघर्षविराम का एलान किया और दोनो तरफ से हमले बंद हो गये.
मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट क्या है
मॉक ड्रिल यानी एक तरह की "प्रैक्टिस" जिसमें हम यह देखते हैं कि अगर कोई इमरजेंसी (जैसे एयर स्ट्राइक या बम हमला) हो जाए, तो आम लोग और प्रशासन कैसे और कितनी जल्दी बिना घबराये सुरक्षित ठिकानों में पहुंचे या कि सुरक्षित ढंग अपनाएं ताकि नुकसान से बचा जा सके.
ब्लैकआउट का मतलब है कि एक तय समय के लिए पूरे इलाके की लाइटें बंद कर देना. इसका मकसद यह दिखाना होता है कि अगर दुश्मन देश हमला करे, तो इलाके को अंधेरे में कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है.
इससे हमलावर को निशाना साधने में मुश्किल होती है.
चार दिनों तक चला सैन्य संघर्ष
भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक 7 मई से 10 मई तक चला सैन्य संघर्ष बीते कुछ दशकों में सबसे भीषण था.
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए, साथ ही सीमा पर गोलाबारी भी हुई.
इसके बाद भारत और पाकिस्तान अपने सहयोगी देशों के साथ अपना-अपना पक्ष रखने की कवायद में जुटे हैं. इसी के तहत भारत ने भी सात प्रतिनिधिनमंडल अलग-अलग देशों में भेजे हैं.