मुठभेड़ में मारा गया माओवादियों का स्नाइपर डिप्टी कमांडर
नेशनल पार्क मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की पहचान
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में शनिवार को मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की पहचान पुलिस ने कर ली है. उसका नाम सोढ़ी कन्ना था, और उस पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था.
वह माओवादियों का डिप्टी कमांडर और स्नाइपर था. शनिवार को मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान उसका शव और 303 राइफल सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ था.
बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में माओवादी कैडर की गतिविधियों की सूचना मिली थी. इसी आधार पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा 202, कोबरा 210 और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन पर भेजा गया था.
उन्होंने बताया कि तेलंगाना राज्य समिति, नेशनल पार्क एरिया कमेटी, जीएलजीए बटालियन नंबर 01 और अन्य सशस्त्र माओवादी कैडर क्षेत्र में सक्रिय थे. ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुककर मुठभेड़ होती रही. मुठभेड़ खत्म होने पर सर्चिंग के दौरान सोढ़ी कन्ना का शव और हथियार बरामद हुआ.
बताया गया कि सोढ़ी कन्ना टेकलगुड़ियम क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों, धरमारम कैंप पर हमले समेत कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है. वह सीसीएम माड़वी हिडमा का सहयोगी था और बटालियन में स्नाइपर के रूप में कार्यरत था.
18 महीने में 415 माओवादी मारे गए- सुंदरराज
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने बताया कि साल 2024 में मिली सफलताओं को आगे बढ़ाते हुए 2025 में भी सुरक्षा बल सघन, रणनीतिक और निरंतर अभियानों में जुटे हैं.
पिछले 18 महीनों में अब तक 415 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए. यह सुरक्षा बलों की कुशल योजना और साहसिक कार्रवाई का प्रमाण है.
उन्होंने कहा कि भारी बारिश और दुर्गम पहाड़ियों के बावजूद मानसून के इस चुनौतीपूर्ण दौर में डीआरजी, एसटीएफ. कोबरा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीएएफ और बस्तर फाइटर सहित सभी बल मनोयोग से ऑपरेशन चला रहे हैं. यह अभियान माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है.