ममता बनर्जी एक 'शेरनी' हैं जो झुकेंगी नहीं- महबूबा मुफ्ती
नई दिल्ली । डेस्क: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें 'शेरनी' करार दिया है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ममता बनर्जी एक साहसी महिला हैं जो केंद्र के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय डटकर मुकाबला करेंगी.
उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की हालिया कार्रवाईयों के संदर्भ में कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की जो रणनीति आज देशभर में दिख रही है, उसका सफल परीक्षण केंद्र ने सबसे पहले कश्मीर में किया था.
महबूबा के अनुसार, कश्मीर लंबे समय से केंद्र के विभिन्न 'प्रयोगों' की प्रयोगशाला बना हुआ है. उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि जब अनुच्छेद 370 को हटाया गया और तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार किया गया, तब देश के अधिकांश राजनीतिक दल चुप थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर में रोजाना 20 से 25 छापेमारी आम बात हो गई है और अब इसी मॉडल को बंगाल जैसे राज्यों में दोहराया जा रहा है. ममता बनर्जी द्वारा हाल ही में ईडी की कार्रवाई के बाद खुद सक्रिय होकर मोर्चा संभालने और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की महबूबा ने सराहना की.
इसके अतिरिक्त, महबूबा मुफ्ती ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) द्वारा श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की मान्यता रद्द करने पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
उन्होंने इसे 1947 में मुस्लिम-बहुल क्षेत्र होने के बावजूद भारत के साथ जुड़ने के कश्मीरी जनता के ऐतिहासिक फैसले का अपमान बताया.
उन्होंने आशंका जताई कि यदि कश्मीर में ही कश्मीरी युवाओं के लिए जगह नहीं बचेगी, तो देश के अन्य हिस्सों में उनकी स्थिति और खराब हो सकती है.
उन्होंने इस फैसले के पीछे सांप्रदायिक ताकतों के दबाव का अंदेशा जताते हुए उमर अब्दुल्ला सरकार और केंद्र के बीच 'अनैतिक मिलीभगत' का भी संकेत दिया.