बस्तर में कुपोषण और एनीमिया गंभीर समस्या- जायसवाल
दंतेवाड़ा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर में कुपोषण और एनीमिया एक गंभीर समस्या है. आंगनबाड़ी व मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं के बावजूद बस्तर के अंदरूनी इलाकों में महिलाएं और बच्चे काफी मात्रा में कुपोषण और एनीमिया का शिकार हैं.
जिसे जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने नया अभियान शुरू किया है. जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में रक्त की कमी को दूर करना और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाना है.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तीन दिवसीय बस्तर दौरे पर पहुंचे हैं. बुधवार को दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली.
इस दौरान मंत्री ने “एनीमिया मुक्त बस्तर” अभियान की औपचारिक शुरुआत की और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया.
बैठक में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से क्षेत्र की चिकित्सा सुविधाओं की वर्तमान स्थिति, डॉक्टरों की उपलब्धता और दवाइयों की आपूर्ति को लेकर विस्तार से चर्चा की.
मंत्री ने कहा कि माओवाद प्रभावित इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि बस्तर में कुपोषण और एनीमिया गंभीर समस्या है.
बताया गया कि दौरे के अगले दो दिनों में मंत्री जायसवाल दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपस्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करेंगे.
इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं भी सुनेंगे.
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण अभियान को ज़मीनी स्तर पर सशक्त रूप से लागू करें.