ट्रंप के हस्ताक्षर के नीचे बड़ी गलती, 'यूनाइटेड' की जगह 'यूनाइट्स स्टेट्स ऑफ अमेरिका'
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और देश की सबसे बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें उन्नत सुपर इंटेलिजेंस सिस्टम के विकास और तैनाती में ज्यादा सुरक्षा उपाय, स्वतंत्र ऑडिट और बोर्ड स्तर की निगरानी का वादा किया गया है. लेकिन इस ऐतिहासिक दस्तावेज पर ही एक बड़ी स्पेलिंग गलती हो गई. ट्रंप के हस्ताक्षर के नीचे आधिकारिक दस्तावेज में “President of the United States” की जगह “President of the Unites States” लिखा गया.
इस गलती की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जहां कई यूजर्स ने व्हाइट हाउस के आधिकारिक दस्तावेज में हुई इस चूक को नोट किया. समझौते पर ट्रंप के साथ एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई, ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमन, गूगल के सुंदर पिचाई, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, एक्सएआई के एलन मस्क और एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग ने हस्ताक्षर किए.
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में टेक दिग्गजों के साथ लंच के दौरान इस समझौते की घोषणा की. यह समझौता सरकार द्वारा एआई पर सख्त नियमों की जगह उद्योग की स्वैच्छिक जिम्मेदारी पर जोर देता है.
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसे “व्हाइट हाउस अकॉर्ड” बताया और कहा कि कंपनियां अमेरिकियों और ग्राहकों को यह भरोसा दिलाना चाहती हैं कि तकनीक उनके इरादे के मुताबिक काम करे. उन्होंने बताया कि समझौते में मजबूत आंतरिक नियंत्रण, समस्याएं पकड़ने के तंत्र और कई स्तरों पर ऑडिट व निगरानी शामिल हैं.
गूगल के सुंदर पिचाई ने इस पल को ऐतिहासिक बताया और कहा कि उद्योग को जोखिमों से निपटने के लिए आगे आना होगा. एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई ने एआई के फायदे स्वीकार करते हुए उसके वास्तविक जोखिमों की भी चेतावनी दी. एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग ने कहा कि नवाचार, तकनीक और सुरक्षा के बीच कोई विरोधाभास नहीं है.
दस्तावेज पर हुई स्पेलिंग गलती ने इस पूरे आयोजन पर हल्की छाया डाल दी, जबकि समझौता खुद एआई की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर उद्योग की प्रतिबद्धता दिखाने वाला था.