महानदी जल विवाद: 23 मई को ओडिशा-छत्तीसगढ़ में निर्णायक चर्चा
भुवनेश्वर । डेस्क: महानदी जल बंटवारे को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है. इस जटिल मुद्दे पर चर्चा के लिए छत्तीसगढ़ का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 23 मई को ओडिशा का दौरा करेगा. ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने इस विकासक्रम की पुष्टि करते हुए उम्मीद जताई है कि महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (Tribunal) की औपचारिक प्रक्रिया से बाहर आपसी बातचीत के जरिए एक सार्थक समझौता किया जा सकता है.
सिंह देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार इस मुद्दे पर पिछली सरकार की तुलना में अधिक गंभीर और रचनात्मक रुख अपना रही है, जिससे दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक चर्चा का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
न्यायाधिकरण के समक्ष अब तक लगभग 15 दौर की बैठकों के बाद नदी के पानी की उपलब्धता और उपयोग से संबंधित विस्तृत डेटा रिपोर्ट पेश की जा चुकी है.
इस संबंध में एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य ने संकेत दिया कि देश में कोई भी जल विवाद केवल न्यायाधिकरण के माध्यम से पूरी तरह हल नहीं हुआ है, इसलिए आपसी समझ और वैज्ञानिक मूल्यांकन ही इसका व्यावहारिक समाधान है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ओडिशा के हितों और पानी के उचित हिस्से के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा, लेकिन बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार हो गया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के प्रयासों से शुरू हुई इस वार्ता को जल विवाद सुलझाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.