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मादुरो को उस 'नर्क' में रखा गया जहाँ से जज भी खौफ खाते हैं

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09 जन. 2026, 06:03 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

निकोलास मादुरो
निकोलास मादुरो

वाशिंगटन । डेस्क: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सेना के एक विशेष अभियान के तहत काराकास से गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क स्थित कुख्यात मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC Brooklyn) में स्थानांतरित कर दिया गया है. मादुरो पर नार्को-आतंकवाद, कोकीन तस्करी और हथियारों की साजिश जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय आरोप हैं. 


हालांकि उन्होंने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है, लेकिन वर्तमान में वे इसी जेल में अपने मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं.

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यह स्थानांतरण इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस एमडीसी ब्रुकलिन जेल में उन्हें रखा गया है, उसे मानवाधिकारों के हनन और अमानवीय स्थितियों के लिए 'नर्क' के रूप में जाना जाता है. 


इस जेल की हालत इतनी बदतर है कि साल 2024 में न्यूयॉर्क के दो संघीय जजों ने सार्वजनिक रूप से यहाँ कैदियों को भेजने पर आपत्ति जताई थी. जजों का मानना है कि इस जेल में भेजा जाना सजा शुरू होने से पहले ही किसी को असहनीय कष्टों में धकेलने जैसा है.


इस जेल का इतिहास विवादों से भरा रहा है. साल 2019 में कड़ाके की ठंड के दौरान यहाँ एक हफ्ते तक बिजली गुल रही थी, जिससे कैदी बिना हीटिंग के बर्फ जैसे ठंडे अंधेरे कमरों में रहने को मजबूर हुए थे. उस समय शौचालय ठप हो गए थे और स्वास्थ्य सेवाएं नगण्य थीं, जिसके बाद सरकार को 1,600 कैदियों को मुआवजा देना पड़ा था. 


हाल के वर्षों में स्थिति और भी हिंसक हो गई है. 2024 में यहाँ कैदियों की चाकू मारकर हत्या की कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें एक कैदी को 44 बार चाकू घोंपा गया था.


स्टाफ की भारी कमी, डॉक्टरों और नर्सों का अभाव, दूषित भोजन और फफूंद लगी दीवारों के बीच मादुरो का यहाँ रहना उनके साम्राज्य के पतन की एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश करता है. 


कभी काराकास के भव्य मिराफ्लोरेस पैलेस में रहने वाले मादुरो अब उस कालकोठरी में दिन के 23 घंटे बिताने को मजबूर हैं, जिसे वकील और मानवाधिकार संगठन अमेरिका की संघीय जेल प्रणाली का सबसे बड़ा संकट और मानवाधिकारों का नग्न उल्लंघन करार देते हैं.


न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC Brooklyn) को अमेरिका की सबसे समस्याग्रस्त जेलों में से एक माना जाता है.  


स्थापना और क्षमता: यह जेल 1990 के दशक के शुरुआती वर्षों में खोली गई थी. यह एक संघीय प्रशासनिक सुरक्षा सुविधा है जिसमें पुरुष और महिला दोनों तरह के कैदियों को रखा जाता है. इसमें लगभग 1,600 से 2,000 कैदियों को रखने की क्षमता है.


अत्यधिक सुरक्षा: यहाँ अक्सर उन कैदियों को रखा जाता है जिनके मामलों की सुनवाई न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के संघीय न्यायालयों में चल रही होती है. इसमें आतंकवाद, संगठित अपराध और मादुरो जैसे हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को रखा जाता है.


भयंकर स्टाफ की कमी: इस जेल की सबसे बड़ी समस्या कर्मचारियों की कमी है. रिपोर्टों के अनुसार, यहाँ जेल प्रहरियों (Guards) और चिकित्सा कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके कारण कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य भगवान भरोसे रहता है.


स्वच्छता और बुनियादी ढांचा: जेल की इमारत पुरानी और जर्जर हो चुकी है. यहाँ अक्सर चूहों के आतंक, दीवारों पर जमी फफूंद (Mold), और लीकेज की खबरें आती रहती हैं. कई बार यहाँ का ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से शौचालय तक बंद हो जाते हैं.


हिंसा का केंद्र: सुरक्षा व्यवस्था लचर होने के कारण यहाँ कैदियों के बीच गैंगवार और आपसी हमले आम हैं. हाल के वर्षों में चाकूबाजी की कई गंभीर घटनाओं ने इसे 'अमेरिका की सबसे खतरनाक जेल' की सूची में डाल दिया है.


कानूनी अलगाव: यहाँ के कैदियों को अक्सर उनके वकीलों से मिलने नहीं दिया जाता या मिलने की प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया जाता है कि कानूनी बचाव मुश्किल हो जाता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP