गोल्ड ETF के नाम पर 10% रिटर्न का झांसा: HDFC बैंक का पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर गिरफ्तार
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बैंकिंग सुरक्षा और भरोसे को तार-तार कर देने वाला एक बड़ा वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. सुपेला थाना पुलिस ने HDFC बैंक के 37 वर्षीय रिलेशनशिप मैनेजर राजकुमार तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आरोप है कि उसने बैंक में अपने पद और बैंक के प्रतिष्ठित नाम का बेजा इस्तेमाल करते हुए बड़े खाताधारकों को गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत का आकर्षक रिटर्न दिलाने का प्रलोभन दिया और करोड़ों रुपये की चपत लगा दी.
जांच में सामने आया है कि आरोपी रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर रहते हुए बैंक के धनी ग्राहकों और बड़े खाताधारकों का डेटा जुटाता था. इसके बाद वह उन्हें अपने जाल में फंसाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से संपर्क करता था. ग्राहकों को अपनी बात पर विश्वास दिलाने के लिए वह फर्जी और अन्य बैंक खातों के स्टेटमेंट भी दिखाता था, जिससे लोगों को यह योजना पूरी तरह प्रामाणिक और सुरक्षित लगती थी.
पीड़ितों को जाल में फंसाने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया था. शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए राजकुमार तिवारी अपने निजी बैंक खाते से कुछ महीनों तक लाभांश (प्रॉफिट) की रकम ट्रांसफर करता था. जब ग्राहकों को नियमित रिटर्न मिलने लगा, तो उनका भरोसा मजबूत हो गया और उन्होंने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई इस स्कीम में लगा दी. हालांकि, कुछ समय बाद लाभांश आना बंद हो गया और जब निवेशकों ने अपनी मूल रकम मांगी, तो उन्हें लगातार टालमटोल भरे आश्वासन दिए जाने लगे.
इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब भिलाई के सेक्टर-7 निवासी राजू नामदेव ने हिम्मत जुटाकर सुपेला थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई. राजू नामदेव के अनुसार, आरोपियों के झांसे में आकर उन्होंने 21 मार्च 2025 को बताए गए बैंक खाते में 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे.
कुछ समय तक मुनाफा मिलने के बाद जब अचानक भुगतान रुका और पैसे वापस नहीं मिले, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ. पुलिस ने जब राजू की शिकायत पर जांच शुरू की, तो मोहम्मद रफी, साधना मिश्रा और शिबा शेख सहित कई अन्य निवेशकों के नाम भी सामने आए, जिनके साथ इसी शैली में धोखाधड़ी की गई थी.
सुपेला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध क्रमांक 961/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4), 61(2) और 111(4) के तहत मामला पंजीकृत किया. एएसपी मणि शंकर चंद्रा के मार्गदर्शन में की गई जांच में यह खुलासा हुआ कि राजकुमार तिवारी ग्राहकों से सीधे चेक लेकर मुख्य साजिशकर्ता योगेश साहू के खाते में जमा करवाता था.
बैंक खातों, लेनदेन के साक्ष्यों और पीड़ित गवाहों के बयानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने पर्याप्त सबूत मिलने पर आरोपी राजकुमार तिवारी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड योगेश साहू और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश में दबिश दे रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठगी गई कुल रकम और इस वित्तीय जालसाजी के पूरे नेटवर्क का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा.